तीन दिन पहले रविवार को पूर्व मंत्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीया ने बीजेपी छोड़ने का एलान कर दिया था। लेकिन आज भी बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ सहित अन्य नेताओं का कहना है कि ऐसी कोई बात नहीं है। मालवीया आज भी जयपुर में हैं। वहीं दूसरी ओर मंगलवार को मालवीया के ठिकानों पर एसीबी की टीम पहुंची। इस पूरे घटनाक्रम को मालवीया पर दवाब की राजनीति के रूप में देखा जा रहा हैं। लेकिन यहां सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर बीजेपी मालवीया को छोड़ना क्यों नहीं चाहती हैं। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने कहा-ऐसी कोई बात नहीं
पहले यह जान लेते है कि मालवीया के बीजेपी छोड़ने के एलान के बाद बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने क्या कहा- मदन राठौड़ ने मीडिया के सवाल पर कहा- आप ऐसी क्या बातें करते हो, इस बात में कोई सच्चाई नहीं हैं। हमारी आपस में चर्चा हुई हैं, ऐसी कोई बात नहीं हैं। मैं उनसे नियमित रूप से संपर्क में हूं। छोटी-मोटी बातें होती रहती है, हमारे यहां कुटुंब प्रबंध है, हम आपस में समझ लेंगे। राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष बोले-मालवीया आज भी बीजेपी में
वहीं राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष और बीजेपी नेता अरूण चतुर्वेदी ने कहा कि मालवीया आज भी बीजेपी में हैं। कल क्या होगा, इसका मैं जवाब नहीं दे सकता हूं। लेकिन आज तक वह भारतीय जनता पार्टी में हैं। बीजेपी के साथ हैं। बाकि चीजे बात करने से निकलकर आएगी। हमने भी उनसे बात की है, लेकिन स्पष्ट रूप से कोई बात नहीं आई हैं। आखिर बीजेपी के लिए क्यों जरूरी है मालवीया
वागड़ खासकर आदिवासी अंचल में पैठ जमाने के लिए बीजेपी को किसी बड़े नेता की जरूरत थी। मालवीया को बीजेपी में शामिल करके पार्टी ने उस बड़े नेता की खोज को पूरा कर लिया था। इसकी बड़ी वजह थी कि आदिवासी कांग्रेस का परंपरागत वोटर माना जाता हैं। वहीं भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) भी कांग्रेस के साथ बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। आकड़ें बताते है कि विधानसभा सीटों पर 2018 में भाजपा का वोट प्रतिशत 36.76 फीसदी था। वहीं, 2023 के विधानसभा चुनावों में यह प्रतिशत घटकर करीब 29.6 फीसदी हो गया। वहीं, इस क्षेत्र में उभरी आदिवासी पार्टी लगातार अपनी पकड़ मजबूत कर रही हैं। भारतीय ट्राइबल पार्टी का वोट प्रतिशत 2018 में 15.51 फीसदी था। वहीं, इस पार्टी से अलग होकर बनी भारत आदिवासी पार्टी ने 2023 में 29.78 प्रतिशत मत हासिल किए। लोकसभा चुनावों में भी साल 2024 में भाजपा का वोट प्रतिशत करीब 15 फीसदी घट गया। मालवीया के जाने से इस क्षेत्र में बीजेपी की स्थिति ओर भी अधिक खराब हो सकती हैं।


