राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने स्थानीय पुलिस की मदद से डीडवाना-कुचामन स्टेट हाईवे पर नाकाबंदी कर 81 करोड़ की एमडी ड्रग्स पकड़ी। एक ट्रक में मुर्गी के फीड के कट्टों के बीच 270 किलोग्राम एमडी ड्रग्स भरकर तस्करी के लिए ले जाई जा रही थी। सिक्योरिटी एजेंसियों के साथ मिलकर कार्रवाई के दौरान पकड़े गए संदिग्धों से डीआरआई पूछताछ कर रही है। डीआरआई ने रविवार देर रात यह कार्रवाई डीडवाना-कुचामन इलाके के एक टोल नाके के पास की। दिल्ली की DRI टीम करीब 2 महीने से कार्रवाई के लिए लगी हुई थी। टीम ने गाड़ी में सवार तस्करों सहित 6 आरोपियों को डिटेन किया है। ये आराेपी कुलदीप, अंकित, सज्जन कुमार, मनदीप, बलविंद्र, अजीत सिंह हरियाणा के रहने वाले हैं। इन सभी आरोपियों को मंगलवार को सीकर के डीजे कोर्ट में पेश किया गया। पहले फैक्ट्री पर दबिश, फिर रेड
जानकारी के अनुसार दिल्ली की DRI टीम करीब 2 महीने से कार्रवाई के लिए लगी हुई थी। टीम ने सबसे पहले हरियाणा स्थित एक फैक्ट्री पर दबिश दी। यहां से DRI ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया। उनसे पूछताछ में सामने आया कि फैक्ट्री से माल किसी दूसरे स्टेट में सप्लाई होने के लिए बड़ी मात्रा में निकला है। ऐसे में टीम ने पीछा करना शुरू किया। इसके बाद 11 जनवरी से 12 जनवरी के बीच देर रात को टीम ने डीडवाना कुचामन इलाके के एक टोल टैक्स के पास महाराष्ट्र नंबर के ट्रक को रुकवाया। टीम को ट्रक में मुर्गी के फीड के कट्टों के बीच 270.30 किलोग्राम MDMA ड्रग्स नौ कट्टों में भरा हुआ मिला। इसे जब्त करते हुए DRI ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मादक पदार्थ की कुल कीमत 81 करोड़ से ज्यादा की है। साथ ही एफएसएल की टीम को सैंपलिंग के लिए बुलाया गया है। मध्य प्रदेश में सप्लाई होने जा रहा था मादक पदार्थ
जानकारी के अनुसार मादक पदार्थ मध्य प्रदेश में सप्लाई होने के लिए जा रहा था। वहीं आरोपी दूसरे राज्यों के रहने वाले हैं। जो पहले भी इस तरह की तस्करी में शामिल रह चुके हैं। आरोपी जब तस्करी के लिए निकलते हैं तो एक गाड़ी एस्कॉर्ट में रहती है। कार्रवाई में पुलिस ने दो आरोपी एस्कॉर्ट करने वाले, एक ट्रक चालक और खलासी और दो फैक्ट्री संचालकों को पकड़ा है।


