जोधपुर के मालाणी डेयरी समूह पर आयकर विभाग की कार्रवाई तीसरे दिन, शनिवार को भी जारी है। उत्तर प्रदेश से आई इन्वेस्टिगेशन विंग की टीमों ने छानबीन का दायरा बढ़ाते हुए समूह के ठिकानों से बड़ी मात्रा में अघोषित संपत्ति के संकेत पाए हैं। सूत्रों के अनुसार, अब तक की जांच में टीम को करीब पांच करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत का तकरीबन साढ़े तीन किलो सोना और लगभग 35 लाख रुपये की नकदी मिली है। विभाग अब इस सोने की खरीद के बिल और नकदी के स्रोत की जानकारी जुटा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह संपत्ति घोषित आय से है या बेनामी। डिजिटल डेटा की हो रही फॉरेंसिक जांच छापेमारी के दौरान आयकर अधिकारियों का पूरा फोकस अब ‘इलेक्ट्रॉनिक सबूतों’ पर है। इसके लिए विभाग की टीमें समूह के ठिकानों से मिले कंप्यूटर, मोबाइल, हार्ड डिस्क, पैन ड्राइव इत्यादि की छानबीन कर रही है। इसके अलावा मालाणी समूह के मालिक सोनी परिवार के बैंक खातों और बैंक लॉकर्स के बारे में भी पड़ताल कर रही है। डिवाइसेज जब्त: रेड के दौरान ऑफिस और घर से लैपटॉप, हार्ड डिस्क और मोबाइल कब्जे में लिए गए हैं। डेटा रिकवरी: आशंका है कि टैक्स चोरी के लिए ‘कच्ची पर्चियों’ का हिसाब कंप्यूटर में कोड वर्ड या अलग फोल्डर में रखा गया होगा। विभाग के एक्सपर्ट्स इन डिवाइसेज की क्लोनिंग कर रहे हैं और डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने का प्रयास कर रहे हैं। बोगस बिलिंग: जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि कानपुर और देश के कई अन्य राज्यों में की गई ‘बटर’ की सप्लाई में कितनी बोगस बिलिंग हुई है। गुरुवार से चल रही है कार्रवाई गौरतलब है कि 15 जनवरी को अलसुबह घनश्याम सोनी के शास्त्री नगर, मंडोर मंडी, बोरानाडा, न्यू पॉवर हाउस रोड और भीतरी शहर स्थित मकान सहित 5 ठिकानों पर रेड शुरू हुई थी। यह कार्रवाई धौलपुर और यूपी में ‘कृष्णा घी’ निर्माता और पान मसाला सिंडिकेट पर हुई नेशनवाइड रेड का हिस्सा है। तीन दिन से घर और दफ्तर पुलिस छावनी बने हुए हैं और किसी को भी बाहर जाने की अनुमति नहीं है। माना जा रहा है कि डिजिटल डेटा की जांच पूरी होने के बाद टैक्स चोरी का आंकड़ा करोड़ों में पहुंच सकता है।


