महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि सिरोही में मनाई गई। राजस्थान प्रदेश माली सैनी युवा महासभा और माली समाज सिरोही ने महात्मा ज्योतिबा फुले की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। राजस्थान प्रदेश माली सैनी महासभा के जयंतीलाल माली ने बताया कि माली समाज सिरोही के सदस्यों ने सामाजिक समानता, शिक्षा और न्याय की मशाल जलाने वाले महात्मा ज्योतिबा फुले को कोटि-कोटि नमन किया। इस अवसर पर ‘ज्योतिबा फुले अमर रहे’ के नारे भी लगाए गए। समाज सेवी रघुभाई माली ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा फुले के संघर्ष, त्याग और परिवर्तन की अटूट इच्छा ने समाज को नई दिशा दी। उनके आदर्श आज भी हमें एक प्रबुद्ध, समतामूलक और जागरूक समाज की ओर अग्रसर करते हैं। माली समाज वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष एवं पूर्व सभापति ताराराम माली ने बताया कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने गरीबों और पिछड़ों के सामाजिक तथा आर्थिक उत्थान के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उन्होंने समाज को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा का मूलमंत्र दिया, ताकि कमजोर, वंचित और पिछड़े वर्ग के लोग भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें। पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी हीरालाल माली ने बताया कि महात्मा फुले ने छुआछूत, जातिप्रथा और पर्दा प्रथा जैसी कुरीतियों के विरुद्ध संगठित एवं शिक्षित समाज की स्थापना की अभिनव पहल की थी। आशापुरा माताजी टेकरी ट्रस्ट के अध्यक्ष छोगाराम माली ने समाज से कुरीतियों को दूर करने और अशिक्षा के अंधियारे को मिटाते हुए एक विकसित एवं समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में सहभागिता निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर माली समाज के प्रबुद्धजनों ने महात्मा ज्योतिबा फुले की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके कार्यों की सराहना करते हुए समाज की प्रतिभाओं को शिक्षा की दिशा में ले जाने का संकल्प लिया।


