माली-सैनी समाज का राज्य स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह:690 प्रतिभाओं का अभिनंदन, ​6 दिवसीय पाटोत्सव का शुभारंभ

संत शिरोमणि श्री लिखमीदास जी महाराज स्मारक विकास संस्थान, अमरपुरा-नागौर के तत्वावधान में आयोजित 6 दिवसीय पाटोत्सव का गुरुवार को भव्य शुभारंभ हुआ। यह आयोजन संत लिखमीदास जी के भव्य स्मारक व देव मंदिर के लोकार्पण के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। पाटोत्सव के पहले दिन माली सैनी समाज का राज्य स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। ​संस्थान के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत की अध्यक्षता में हुए इस समारोह में 23 प्रतिभाओं को पदक प्रदान किए गए, जबकि कुल 690 विद्यार्थियों और समाज बंधुओं का सम्मान किया गया। इस अवसर पर समाज के अनेक शिक्षाविद और गणमान्य प्रतिनिधि मंचस्थ अतिथि के रूप में मौजूद रहे। ​प्रतिभा मंजूषा 2025 का विमोचन ​कार्यक्रम में मातृ शक्ति की महती भूमिका रही। प्रधानाचार्य हेमलता सैनी, असिस्टेंट प्रोफेसर दीपा भाटी, सरला कच्छावा, झिलमिल भाटी और कुसुम लता परिहार के कर कमलों द्वारा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। असिस्टेंट प्रोफेसर प्रदीप परिहार, तगाराम गहलोत, डॉ. लाखाराम भाटी सहित अन्य शिक्षाविदों ने भी विद्यार्थियों का उत्साह वर्धन किया। ​इस अवसर पर संस्थान द्वारा प्रकाशित ‘प्रतिभा मंजूषा 2025’ का विमोचन किया गया, जिसमें 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, खेल प्रतिभाओं और राजकीय सेवा में चयनित समाज बंधुओं का सचित्र विवरण दिया गया है। साथ ही, विशिष्ट सामाजिक सरोकार कार्य करने वाले ताराचंद टाक, हृदय रोग विशेषज्ञ डा. सुरेंद्र सिंह देवड़ा और साहित्यकार डॉ. वीरेंद्र भाटी सहित अन्य बंधुओं का भी भावभीना अभिनंदन किया गया। इस दौरान साहित्यकार डॉ. वीरेंद्र भाटी की पुस्तक ‘ओलखाण’ का भी विमोचन किया गया। ​ज्ञान को सतत बनाये रखने का आह्वान ​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रोफेसर देवड़ा ने कहा कि समाज में शिक्षा का स्तर बढ़ा है, लेकिन इसे और भी अधिक बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षित परिवारों से प्रशासनिक सेवा की ओर गंभीरता से कदम बढ़ाने पर जोर दिया। प्रोफेसर देवड़ा ने कहा कि राजकीय सेवा में चयनित होने के बाद भी विश्रांति का भाव नहीं रखना चाहिए, बल्कि प्रशासनिक सेवा में आगे बढ़ने के लिए प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे स्वयं के साथ-साथ परिवार और अगली पीढ़ियों के आत्मविश्वास में भी वृद्धि होती है। ​समारोह की शुरुआत मां सरस्वती, लिखमीदास जी महाराज और अन्य महापुरुषों के पूजन-वंदन से हुई। डीडवाना के नृत्य कलाकार अजय सैनी ने संत लिखमीदास जी महाराज के भजनों पर आधारित आकर्षक लोक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। संस्थान के पदाधिकारियों – राजेंद्र गहलोत, मोती बाबा सांखला, पुरुषोत्तम सोलंकी, राधाकिशन तंवर और अन्य सदस्यों ने प्रतिभाओं व नव चयनितों का उत्साह वर्धन किया। कार्यक्रम का सफल संचालन बजरंग सांखला और रूपचंद टाक द्वारा किया गया। कल से चार दिवसीय कथा का आयोजन ​6 दिवसीय पाटोत्सव के निमित्त कल से चार दिवसीय भक्त चरित्र कथा का शुभारंभ होगा। यह कथा आचार्य पुरुषोत्तम दास महाराज राम धाम, खेड़ापा के सान्निध्य में होगी और रामस्नेही संत परमहंस डॉ. राम प्रसाद महाराज से कथा श्रवण का लाभ मिलेगा। कथा प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से प्रारंभ होगी। ​इसके अलावा, 4 दिसंबर को भव्य और विशाल भजन जागरण का आयोजन किया जाएगा। कथा और आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए संस्थान द्वारा बसों की व्यवस्था की गई है। इस छः दिवसीय आयोजन में भोजन प्रसादी व्यवस्था का पुण्य लाभ संस्थान कोषाध्यक्ष कमल भाटी के परिवारजन और लोकेश टाक के परिजन द्वारा किया जा रहा है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *