भास्कर न्यूज | अमृतसर डीआरआई और कस्टम्स की एयर इंटेलिजेंस यूनिट ने श्री गुरु रामदास जी एयरपोर्ट पर एक यात्री से 4 हाईटेक ड्रोन बरामद किए हैं। सूचना के आधार पर कुआलालंपुर से फ्लाइट नंबर एके94 के जरिए अमृतसर पहुंचे एक यात्री की जांच की गई तो उसके सामान से डीजेआई मेट्रिस 4टी मॉडल के चार ड्रोन और उनके रिमोट कंट्रोल बरामद हुए। जब्त ड्रोन्स की कुल कीमत करीब 23.40 लाख रुपए आंकी गई है। यात्री ने अपने सामान में ड्रोन्स होने की डिक्लेरेशन नहीं की थी। बिना मंजूरी के वह इन्हें भारत लाया है। फिलहाल कस्टम्स और डीआरआई की टीम मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि ड्रोन किस मकसद से और कहां इस्तेमाल किए जाने थे। जांच पूरी होने के बाद यात्री के खिलाफ कस्टम्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिस यात्री से ड्रोन जब्त किए गए हैं वह कर्नाटक की एक महिला है, जो कि अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंड हुई थी। ड्रोन्स को वह अलग अटैची में लाई थी। ड्रोन की कीमत 23.40 लाख हैं, इसलिए उसे गिरफ्तार नहीं किया जाएगा न ही उस पर केस दर्ज होगा। अधिकारियों के अनुसार ड्रोन लाना प्रतिबंधित है। लॉ के मुताबिक अगर ड्रोन्स की कीमत 50 लाख रुपए से ज्यादा होती तो महिला को तुरंत अरेस्ट कर लिया जाता। अभी उस पर पेनल्टी लगेगी। इससे पहले उससे ड्रोन लाने का कारण के लिए पूछताछ होगी। प्रारंभिक जांच में वह बता रही है कि उसे अटैची में ड्रोन होने की जानकारी नहीं थी। उसे किसी ने यह अटैची दिया था और उसने इसमें कैमरे होने के बारे में बताया था। अफसरों के अनुसार महिला को उसी तरह हैंडलर के तौर पर इस्तेमाल किया गया है, जैसे इससे पहले सोना या गांजा तस्करी के लिए इस्तेमाल किया जाता था। ड्रोन पहली बार एयरपोर्ट पर बरामद हुए हैं। हैंडलर के इस्तेमाल से ऐसा लगता है कि अब ड्रोनों की स्मगलिंग शुरू हो गई है। यह ड्रोन चाइना मेड है, हालांकि इन्हें कुआलालंपुर से अमृतसर भेजा गया। इसके पीछे कारण यह हो सकता है कि वहां ड्रोन की कीमत काफी कम हो और भारत में बरामद ड्रोन की औसत कीमत करीब 6 लाख रुपए है। अधिकारियों के अनुसार क्योंकि महिला कर्नाटक की थी, इसलिए उन्हें शक हुआ कि यह दिल्ली या साउथ के िकसी और एयरपोर्ट पर क्यों लैंड नहीं हुई। इसी संदेह के आधार पर चेकिंग की तो ड्रोन मिले।


