भास्कर न्यूज | अमृतसर जीएनडीयू के होटल मैनेजमेंट एंड टूरिज्म विभाग (डीएचएमटी) और सेंटर फॉर एग्रीकल्चरल रिसर्च एंड इनोवेशन (सीएआरआई) के संयुक्त तत्वावधान में चल रही 7 दिवसीय क्यूलिनरी वर्कशॉप का तीसरा दिन दक्षिण भारतीय व्यंजनों से सजे भव्य गाला डिनर के साथ संपन्न हुआ। वर्कशॉप ‘भारतीय क्षेत्रीय व्यंजनों की वैश्विक महत्ता-भोजन, पोषण और क्यूलिनरी उद्यमिता पर फोकस’ विषय पर आयोजित की जा रही है, जो वाइस चांसलर प्रो. डॉ. करमजीत सिंह के मार्गदर्शन में संचालित हो रही है। गाला डिनर का आयोजन प्रसिद्ध मास्टर शेफ खुबीलाल हत्ता और शेफ मनप्रीत सिंह की अगुवाई में किया गया। छात्रों ने उनकी देखरेख में इडली, डोसा, सांभर, रसम और अन्य पारंपरिक दक्षिण भारतीय व्यंजनों का प्रामाणिक मेन्यू तैयार किया। मिस एन प्लेस से लेकर अंतिम प्लेटिंग और सर्विस तक छात्रों द्वारा स्वयं की गई। इससे उन्हें बड़े स्तर की किचन मैनेजमेंट, टीमवर्क, टाइम मैनेजमेंट और प्रोफेशनल सर्विस स्टैंडर्ड्स का व्यावहारिक अनुभव मिला। कार्यक्रम में छात्रों और फैकल्टी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन को अनुभव आधारित शिक्षा का प्रभावी मॉडल बताया गया। प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डॉ. शेफ हरप्रीत सिंह ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि क्षेत्रीय व्यंजनों का ज्ञान केवल शैक्षणिक नहीं, बल्कि व्यावसायिक अवसर भी प्रदान करता है। उन्होंने प्रोफेशनल किचन में अनुशासन, निरंतरता और उद्यमी सोच को अपनाने पर जोर दिया। विभागाध्यक्ष प्रो. तेजवंत सिंह कंग ने कहा कि डीएचएमटी का उद्देश्य छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी बनाना है। ऐसे कार्यक्रम कक्षा की पढ़ाई को वास्तविक उद्योग अनुभव से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।


