पश्चिमी राजस्थान की मेजबानी में जोधपुर में आयोजित अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा का ‘अंतरराष्ट्रीय माहेश्वरी महाधिवेशन एवं ग्लोबल एक्सपो’ (महाकुंभ-2026) ऐतिहासिक संकल्पों के साथ संपन्न हुआ। तीन दिनों तक चले इस महासम्मेलन में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित देश के शीर्ष नेतृत्व ने शिरकत की। इसके बाद शनिवार को महासभा के सभापति संदीप काबरा ने पूरे आयोजन पर चर्चा करते हुए बताया कि इस आयोजन में 3 लाख से अधिक लोगों की आवाजाही रही, जिसमें 50,000 से अधिक समाज के पंजीकृत बंधु लगातार तीन दिन तक शामिल रहे। महाधिवेशन में समाज की दशा और दिशा तय करने के लिए 11 प्रमुख प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें जनसंख्या वृद्धि, फिजूलखर्ची पर रोक और युवाओं को जोड़ने जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। महाधिवेशन के 11 प्रमुख संकल्प (प्रस्ताव): अमित शाह ने सराहा ‘स्वदेशी’ प्रेम केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में माहेश्वरी समाज द्वारा गांधीजी के स्वदेशी आंदोलन को दिए गए समर्थन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह एकमात्र समाज है जिसने उत्पादन को बढ़ावा दिया और ट्रेडिंग को दोयम दर्जे पर रखा। महासभा ने शाह की अपील पर स्थानीय भाषा, भूषा, भोजन और भजन को संरक्षित करने का संकल्प दोहराया। जीरो वेस्ट और 500 करोड़ का इको-सिस्टम भोजन व्यवस्था: 3.5 लाख लोगों के भोजन प्रसादी में “4 किलो भी जूठन नहीं” बची। समाज ने “इतना ही लो थाली में, व्यर्थ न जाए नाली में” के संकल्प को चरितार्थ किया। बिजनेस: ग्लोबल एक्सपो के जरिए स्टार्टअप्स और नए उद्यमों के लिए करीब 500 करोड़ रुपये का इको-सिस्टम तैयार हुआ। सभापति काबरा ने कहा कि बी2बी डील्स के कारण जोधपुर के व्यापारियों को ऐसा लगा जैसे एक साल में दो बार दीपावली आ गई हो। भागीरथी प्रयास इस आयोजन को सफल बनाने के लिए 1500 से अधिक युवा और महिला कार्यकर्ताओं ने “मैं भी कार्यकर्ता” के नारे के साथ दिन-रात काम किया। आयोजन में अमेरिका से आए रवि ड्रम की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही।


