जयपुर | समाज श्री सीतारामजी की ओर से 46 दिनी मिजमानी महोत्सव के तहत मनोकामेशवर मंदिर, दुर्गापुरा पर उत्सव मनाया। राम, लक्ष्मण और सीताजी के विग्रह को सुंदर पोशाक और आभूषणों से सजाया। सीताराम मंदिर से रामजी सीता को अपने घर पर पावणा बुलाया। जब ठाकुरजी पधारे तो फूलों से उनका स्वागत किया गया। रामजी और लक्ष्मणजी के चरण पखारे। रामजी लक्ष्मणजी को मंदिर में सिंहासन पर विराजमान किया। मिजमानी में ये पकवान ठाकुरजी को परोसे : लाड़ू, बर्फी, घेवर, जलेबी, रबड़ी, खीर, मलाई, रसगुल्ला, चम्मचम, गुलाब जामुन, बादाम हलवा, केसर बांटी, मोहन भोग, मिश्री मावा का थाल में सजाकर परोसा गया। मोहे छैला ने मारी नजरिया रे ठाकुरजी ने समाज के रामगोपाल बूसर, रामशरण हल्दिया, अवधेश पोद्दार, रामप्रसाद अग्रवाल, लक्ष्मीनारायण काकड़ेवाल आदि ने मीठी-मीठी गारियां सुनाईं…जुगल वर को जिमाने की खुशी दिल में समाई है…सिया संग जीमो राजकुमार श्रीमुखकुंज निहार। मोहे छैला ने मारी नजरिया रे…आदि पद गाए।


