छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव क्षेत्र में थैली में मिली मिठाइयों को खाने से एक ही परिवार के पांच लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। सभी को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई, जिनमें से एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि चार लोगों का उपचार अभी जारी है। घटना की सूचना मिलने के बाद फूड सेफ्टी विभाग हरकत में आया और शहर की कुछ मिठाई दुकानों से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए। विभाग का दावा है कि प्रथम दृष्टया मामला फूड प्वाइजनिंग का है। नाम मात्र की कार्रवाई पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि फूड सेफ्टी विभाग की कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। मिठाई दुकानों के साथ-साथ किराना दुकानों और मेडिकल स्टोर्स में खुलेआम एक्सपायरी डेट की दवाइयां और सामग्री बेची जा रही है, लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। पोस्टमार्टम न होने से खुलासा अधूरा
मृतक का निजी अस्पताल में इलाज के बाद निधन हुआ, लेकिन पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। ऐसे में मौत के वास्तविक कारणों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। अगर पोस्टमार्टम होता तो फूड प्वाइजनिंग की पूरी सच्चाई सामने आ सकती थी। फूड सेफ्टी अधिकारी पंकज घागरे ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही शहर की कुछ मिठाई दुकानों से सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए जिला लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


