“मीडिया एक्टिविस्ट के खिलाफ केस रद्द हों’

तर्कशील सोसायटी ने जनता के मुद्दों पर सवाल उठाने पर पत्रकारों, सोशल मीडिया एक्टिविस्ट और आरटीआई एक्टिविस्ट समेत 10 लोगों के खिलाफ झूठे केस दर्ज करने की कार्रवाई की निंदा की। सोसायटी के राज्य संगठन प्रमुख मास्टर राजिंदर भदौड़ और राज्य नेताओं हेम राज स्टैनन, सुखविंदर बागपुर, राम स्वर्ण लखेवाली, गुरप्रीत शाहना और सुमित अमृतसर ने एक प्रेस बयान जारी कर कहा कि पंजाब सरकार के दबाव में लुधियाना में साइबर क्राइम द्वारा लोक आवाज टीवी के मनिंदरजीत सिद्धू, पत्रकार मिंटू गुरुसरिया और आरटीआई एक्टिविस्ट मानिक गोयल और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज करना और मजदूर नेता मुकेश मलौद को संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत गिरफ्तार करना लिखने, बोलने, राय व्यक्त करने और मीडिया की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।

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