पंजाब के सेहत मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, उनके बेटे, पार्षद पर गंभीर आरोप लगाने वाली पूर्व आप नेता अब और आक्रामक होने वाली हैं। पटियाला की रहने वाली आप की पूर्व जिला अध्यक्ष श्वेता जिंदल की तरफ से इस बाबत चंडीगढ़ में प्रेसवार्ता की जानी है। उनका आरोप है कि पार्टी के नेताओं की वजह से ही उसके द्वारा की गई शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना है कि वह आप नेता के कार्यालय में काम करती रही हैं और इस दौरान उसे सेक्सुअल हरास किया गया था। उसके द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान समेत पुलिस के बड़े अफसरों को शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई तो वह अदालत चली गई थीं। अदालत की तरफ से स्वस्थ्य मंत्री समेत अन्य को अदालत ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
निजी जानकारियों जानने के लिए मोबाइल में एप डाउनलोड करने के आरोप
आप महिला नेता ने आरोप लगाए हैं कि उसकी प्राइवेसी और जानकारियां हासिल करने के लिए यह एप उसके मोबाइल में डाउनलोड की गई थी। जिससे उसका फोन खराब होने लगा था। जब वह दुकानदार के पास इसकी शिकायत करने गई तो उसके साथ बदसलूकी की गई थी और अपशब्द बोले गए थे। अदालत ने नोटिस जारी कर सभी को अपना पक्ष रखने को कहा यह नोटिस जिला अदालत की जज दमनदीप कौर की अदालत ने पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, उनके बेटे राहुल सैनी, पार्षद जसबीर गांधी, पार्षद गुर कृपाल सिंह, गुरप्रीत सिंह और आम आदमी पार्टी के प्रदेश महासचिव को जारी किया है। याचिका दायर करने वाली महिला की वकील एडवोकेट नवदीप वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि अदालत ने नोटिस जारी कर सभी को अक्टूबर तक अपना पक्ष रखने को कहा है। वकील ने बताया कि पीड़िता इस बात से नाराज है कि उपरोक्त लोगों ने अपने कार्यालय व अन्य स्थानों पर उसका शारीरिक उत्पीड़न किया है। यह भी आरोप है कि एक मोबाइल विक्रेता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत को दबाते हुए पीड़िता को पार्टी से निकाल दिया गया। पीड़िता के अनुसार उनके साथ उत्पीड़न का मामला मोबाइल की दुकान को लेकर हुए विवाद से पहले का है। जांच नहीं होने के चलते थाने के बाहर दिया था धरना श्वेता जिंदर ने मोबाइल कारोबारी पर उसका मोबाइल क्षतिग्रस्त करने और उसे धमकाने तथा पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए त्रिपड़ी थाने के बाहर धरना दिया था। आरोप है कि मोबाइल विक्रेता ने उसके मोबाइल में कुछ साफ्टवेयर डाउनलोड कर दिए, जिससे उसके मोबाइल का निजी डेटा भी लीक होने लगा। महिला के अनुसार सेहत मंत्री और उनके बेटे व अन्य लोगों ने उसे परेशान करके मामले को लगातार दबा रखा था, जिसके चलते अब उसे अदालत का सहारा लेना पड़ा है।


