मुख्यमंत्री ने किया विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन:दंतेवाड़ा में बनेगा चिड़ियाघर, लैम्पस राशन दुकानों में मिलेगी जैविक खाद

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सोमवार को बस्तर प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने बस्तर संभाग के तीन जिलों दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर का दौरा किया। उन्होंने दंतेवाड़ा में 160 करोड़ रुपए से ज्यादा के विकास कामों का भूमिपूजन व लोकार्पण किया। इसके साथ ही उन्होंने साल 2026 तक बस्तर व छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का खात्मा करने के केंद्र व राज्य सरकार के संकल्प को दोहराया। वहीं नियद नेल्लानार योजना पर कहा कि 100 से अधिक गांवों में बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। दंतेवाड़ा जिले में उन्होंने वन्यप्राणी संरक्षण व पर्यटन को बढ़ावा देने चिड़ियाघर का निर्माण करने की घोषणा की। साथ ही जैविक कृषि को बढ़ावा देने सभी लैम्प्स व राशन दुकानों में जैविक खाद उपलब्ध करवाने की बात भी कही। सुकमा के मिनी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में सीएम साय ने सुकमा में 205.80 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी। इस दौरान 166.64 करोड़ के 55 कार्यों का भूमिपूजन और 39.16 करोड़ के 82 कार्यों का लोकार्पण किया। शाम को कोंडागांव पहुंचे सीएम 15 मिनट का ही कार्यक्रम कोंडागांव जिले में शाम को मुख्यमंत्री पहुंचे, जहां महज 15 मिनट में ही सीएम साय का कार्यक्रम खत्म हो गया। दरअसल इससे पहले उन्होंने सुकमा व दंतेवाड़ा जिले में आयोजित कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया। यहां उन्होंने 288 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी। पुराना कॉलेज स्थित हेलीपैड से विकासनगर तक 3 किमी तक सीएम का रोड शो निकाला गया। यहां 208.26 करोड़ के 130 कार्यों का लोकार्पण किया। सुकमा: साप्ताहिक बाजार बंद कराया, गली-मोहल्लों में नाकेबंदी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पहले सुकमा पहुंचे। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री साय अपने निर्धारित प्रोटोकॉल में दिए गए समय से करीब डेढ़ घंटे की देरी से सुकमा पहुंचे, वहीं सुरक्षा का हवाला देकर सुकमा में साप्ताहिक बाजार को भी कर दिया गया। जिला मुख्यालय के मिनी स्टेडियम में आयोजित सीएम के कार्यक्रम दोपहर 12.45 से 1.45 बजे तक प्रस्तावित था, लेकिन सीएम साय खुद डेढ़ घंटे देर से पहुंचे और दोपहर ढाई बजे कार्यक्रम शुरू हुआ। जबकि सोमवार को लगने वाला साप्ताहिक बाजार दोपहर 12 बजे तक खत्म हो जाता है, जहां बड़ी संख्या में आसपास के ग्रामीण पहुंचकर हफ्तेभर की जरूरत का सामान खरीदते हैं। बाजार बंद होने से ग्रामीणों व स्थानीय लोगों को जरूरत का सामान ही नहीं मिल पाया और अब इसके लिए उन्हें एक हफ्ते का लंबा इंतजार करना पड़ेगा। इसके अलावा सीएम कार्यक्रम के लिए ट्रैफिक डाइवर्ट किए जाने के कारण लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर के मुख्य मार्ग के साथ-साथ गली-मोहल्लों पर भी नाकेबंदी कर दी गई। करीब डेढ़ घंटे देर से पहुंचे सीएम तो सुबह से ही सारा ट्रैफिक बंद रहा। इसके अलावा कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए पंचायत सचिव व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ड्यूटी दी गई थी। इसके अलावा शिक्षकों को भी कार्यक्रम में उपस्थित रहने के अनौपचारिक निर्देश जारी किए गए थे।

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