रांची| उलेमा, बुद्धिजीवी, समाजसेवी व आंदोलनकारियों का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को नेमरा पहुंचा और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। सभी ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन से पूरा झारखंड दुखी है। मुस्लिम समाज इस दुख कि घड़ी में आपके साथ है। दिशोम गुरू ने आदिवासी समाज, गरीब, कमजोर, सभी वर्ग के लिए संघर्ष किया। झारखंड अलग राज्य इसी संघर्ष का परिणाम है। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मौलाना डॉ. ओबेदुल्लाह कासमी एवं जमीयत उलेमा झारखंड के कोषाध्यक्ष शाह उमैर ने किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न एवं सम्मान पत्र भेंट किया। प्रतिनिधिमंडल में काजी उजैर, मौलाना अब्दुल कय्यूम, कारी अंसार, मौलाना अबुल कलाम, मौलाना अब्दुल जब्बार, मौलाना शफीक अलियावी, मौलाना रिजवान, कारी खुर्शीद, मौलाना नैयर इकबाल आदि शामिल थे।


