पॉलिटिकल रिपोर्टर| रांची नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शनिवार को आरोप लगाया कि झारखंड के एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ गत विधानसभा चुनाव के दौरान षडयंत्र रचा था। इस पुलिस अधिकारी ने असम के सीएम को फंसाने का प्रयास करने लिए दो-दो बार पैसे देकर अपने लोगों को दिल्ली और गुवाहाटी भेजा था। मरांडी ने कहा कि वह शीघ्र ही प्रमाण के साथ इसका खुलासा करेंगे कि वह पुलिस अधिकारी कौन हैं? उन्होंने कब-कब किसे दिल्ली और गुवाहाटी भेजा था और इसके पीछे उनका क्या उद्देश्य रहा है? मरांडी ने राज्य के मुख्यमंत्री से पूछा है कि क्या यह सब काम उनकी जानकारी में हो रहा था या उनकी जानकारी के बिना? मरांडी ने सीएम से कहा है कि खुद की एजेंसियों को लगवाकर इस बारे में विस्तार से पता करवा लें। यदि फिर भी जानकारी का अभाव रह जाए, तो उनसे व्यक्तिगत संपर्क कर समझ लीजिएगा। पॉलिटिकल रिपोर्टर| रांची प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के बयान पर झामुमो ने पलटवार किया है। पार्टी के केंद्रीय सदस्य डॉ. तनुज खत्री ने कहा कि बाबूलाल मरांडी अक्सर सनसनीखेज और भ्रामक बयान देकर केवल सुर्खियों में बने रहने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि बाबूलाल मरांडी के पास किसी भी विषय पर ठोस एवं प्रमाणिक जानकारी है, तो पूरी जिम्मेदारी और संवैधानिक दायरे में रहते हुए सरकार या संबंधित जांच एजेंसियों को प्रमाण सौंपें। डॉ. खत्री ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में आलोचना और सवाल उठाना पूरी तरह से जायज है, लेकिन बिना किसी पुष्टि और तथ्यात्मक आधार के गंभीर आरोप लगाना न केवल जनता को भ्रमित करता है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को भी चोट पहुंचाता है। झारखंड जैसे संवेदनशील राज्य में इस तरह के बयानों को ‘ड्रामा’ की तरह पेश करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।


