झुंझुनूं शहर के चूरू बाईपास स्थित मन्नत मोटर गैराज में आगजनी की सनसनीखेज घटना का मुख्य आरोपी अनिल उर्फ हांडिया को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पुलिस से बचने के लिए महिला के कपड़े पहनकर मोड़ा पहाड़ के गड्ढों में छुपा हुआ था और अपनी पत्नी से मिलने घर जा रहा था। इस दौरान पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया। इस मामले में पुलिस पूर्व में 04 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और 02 बाल अपचारियों को भी निरूद्ध किया जा चुका है। महिला के वेश में दबोचा गया मुख्य आरोपी घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एएसपी मुख्यालय देवेंद्र सिंह राजावत और वृत्ताधिकारी गोपाल सिंह ढाका के सुपरविजन में कोतवाली थानाधिकारी श्रवण कुमार नील के नेतृत्व में विशेष टीमें गठित की गईं। टीमों ने झुंझुनूं, बगड, चिड़ावा, सीकर, जयपुर समेत कई संभावित स्थानों पर दबिश दी और 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुलिस को 03 दिसंबर 2025 को मुखबिर से सूचना मिली कि मुख्य आरोपी अनिल उर्फ हांडिया (पुत्र कजोड़मल कुम्हार, निवासी चूरू बाईपास) पुलिस के डर से मोड़ा पहाड़ के गड्ढों में छुपा हुआ है और रात के अंधेरे में महिला के कपड़े पहनकर अपनी पत्नी से मिलने घर आएगा। मुखबिर की सूचना पर टीम तुरंत मोड़ा पहाड़ बाईपास के पास पहुँची और तलाशी शुरू की। एक गड्ढे के ऊपर महिला जैसे कपड़े पहने एक व्यक्ति बैठा दिखा। पुलिस टीम के बुलाने पर वह व्यक्ति भागने लगा और पहाड़ के गड्ढे में कूद गया। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा। पकड़े जाने पर उसकी पहचान अनिल उर्फ हांडिया के रूप में हुई। आरोपी अनिल उर्फ हांडिया पर 9 मामले दर्ज पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी अनिल उर्फ हांडिया के खिलाफ विभिन्न थानों में 9 आपराधिक प्रकरण पहले से ही दर्ज हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी अनिल उर्फ हांडिया से घटना के संबंध में और अन्य फरार आरोपियों के ठिकानों के बारे में गहनता से पूछताछ कर रही है। इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए 02 आरोपियों और निरूद्ध किए गए 02 बाल अपचारियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने अब मुख्य आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की है। गैराज में खड़ी 18 लग्जरी कारों को पेट्रोल डालकर जलाया झुंझुनूं कोतवाली थाने में यह मामला 30 नवंबर 2025 को दर्ज किया गया था। परिवादी नासिर पुत्र मोहम्मद असलम ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह चूरू रोड पर मन्नत मोटर के नाम से वर्कशॉप चलाते हैं। परिवादी ने बताया कि 29 नवंबर 2025 को उन्हें फोन पर सूचना मिली कि विनोद कुमावत, अनिल कुमावत (मुख्य आरोपी), सुनील कुमावत, निखिल कुमावत, निशांत कुमावत, अनुज कुमावत, विपुल (निवासी इंदौर), साबिर, इमरान सोती, रोशन सोती, रिजवान खान उर्फ राजा सहित 10-12 लोगों के गिरोह ने उनके वर्कशॉप पर हमला कर दिया है। गैराज पहुँचने पर नासिर ने देखा कि वर्कशॉप में खड़ी सभी 18 गाड़ियाँ जल रही थीं। हमलावरों ने पहले वाहनों के शीशे तोड़े और फिर पेट्रोल बम बनाकर विस्फोट कर दिया, जिससे पूरी वर्कशॉप में आग लग गई। इस भीषण आगजनी में सम्पूर्ण सम्पत्ति, टीन शेड़, अलाइनमेंट मशीन, जनरेटर और खड़ी 18 गाड़ियाँ जलकर खाक हो गईं। परिवादी के अनुसार, इस घटना में उन्हें 3 करोड़ से अधिक का अनुमानित नुकसान हुआ था


