सोशल मीडिया पर फेक आईडी बनाकर पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव और उनकी दिवंगत मां पर आपत्तिजनक और झूठी टिप्पणियां की गई हैं। इस मामले में गीताश्री उरांव ने 9 अप्रैल को साइबर थाना में सोशल मीडिया पर बनाई गई फर्जी आईडी के विरुद्ध केस दर्ज कराया है। जिसमें बताया गया है कि 2 अप्रैल की रात करीब 11 बजे यह जानकारी उनके सामने आई। उन्हें जानकारी मिली कि ‘मुख्य पहान’ नाम की फेक आईडी से उस पर और उनकी मां पर बेहद घिनौनी और तथ्यहीन बातें लिखी गई हैं। इसका मकसद उन्हें मानसिक रूप से आहत करना था। दर्ज प्राथमिकी में उन्होंने बताया है कि उनकी मां स्व. सुमति उरांव, स्व. तेजू भगत की पुत्री थीं। तेजू भगत तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर थे और उरांव जनजाति में प्रतिष्ठित नाम थे। उन्होंने कहा है कि ऐसे सम्मानित परिवार पर उंगली उठाना बेहद ओछी मानसिकता को दर्शाता है। उनके पिता स्व. कार्तिक उरांव, केंद्रीय राज्यमंत्री रहे थे। उनका निधन 8 दिसंबर 1981 को हुआ। इसके बाद उनकी प|ी यानी मेरी मां ने राजनीति में कदम रखा। उन्होंने अपनी सूझ-बूझ और जनसेवा के बल पर केंद्रीय मंत्रीमंडल में राज्यमंत्री के रूप में कल्याण विभाग और फिर वन एवं पर्यावरण विभाग में काम किया। गीताश्री ने कहा कि उनकी छवि खराब करने के लिए फेक आईडी से जो झूठी और अपमानजनक बातें लिखी गईं, वह निंदनीय हैं।


