शहर के मुख्य बाजारों और मार्गों पर अस्थाई अतिक्रमण के चलते राहगीरों व वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य बाजारों में दुकानदारों की ओर से अपनी दुकानों के बाहर करीब पांच फीट तक सामान सजाकर रख देते हैं, जिससे मार्ग संकरा हो जाता है। शहर के गौर का चौक, शास्त्री चौक, मोती मार्केट, भैरू बाजार, पनघट रोड, छत्रियों का मोर्चा, नगर परिषद कार्यालय के आगे, पचपदरा रोड, खेड़ रोड और द्वितीय अंडरपास सहित विभिन्न मुख्य मार्गो पर सब्जी विक्रेता व खोमचा चालक अपने ठेलों को अक्सर सड़क के बीचोंबीच खड़ा कर देते हैं। विशेष रूप से राजकीय नाहटा अस्पताल की मुर्दा कोटड़ी के बाहर अस्थायी दुकानदारों की ओर से सड़क पर ही सामान सजाया जाता है। ऊपर से खोमचा व सब्जी ठेले वाले भी मनमाने ढंग से ठेले खड़े कर देते हैं, जिससे यहां दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। अस्पताल क्षेत्र होने के बावजूद व्यवस्था सुधार की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा। इससे आवागमन करने वाले राहगीरों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं बाजारों में खरीदारी के लिए आने वाले लोग अपने वाहन दुकानों के सामने ही खड़ा कर खरीदारी में व्यस्त हो जाते हैं, जिससे बाजारों में हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। शाम के समय जब लोग खरीदारी के लिए बाहर निकलते हैं, तो स्थिति और अधिक खराब हो जाती है। सब्जी ठेले व खोमचा चालक सड़क के बीच खड़े कर देते हैं।


