भीलवाड़ा में मंत्राक्ष ध्यान शिविर में 1500 से ज्यादा श्रद्धालुओं को मन की उलझनों के जवाब मिले। तीसरे दिन समापन पर मुनि आदित्य सागर महाराज ने कहा-धन के पीछे भागने की बजाय ध्यान के माध्यम से मन को स्थिर किया जाए, क्योंकि जब मन शांत होता है तो धन और वैभव खुद आकर्षित हो जाते हैं। धन के प्रति आकर्षण और धन का आपके प्रति आकर्षण – दो अलग विषय हैं। मुनि का 11 जुलाई को श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में मंगल प्रवेश हुआ था। तीन दिवसीय भक्तांबर महामंडल विधान की आराधना की गई। इसके बाद 20 जनवरी से आरसी व्यास कॉलोनी स्थित गवर्नमेंट स्कूल ग्राउंड में शिविर का आयोजन हुआ। बुद्धि, शांति और शक्ति वृद्धि के उद्देश्य से शिविर मुनि आदित्य सागर महाराज के सानिध्य में आयोजित यह तीन दिवसीय मंत्राक्ष ध्यान शिविर बुद्धि, शांति और आत्मिक शक्ति की वृद्धि, तनाव व व्यसन से मुक्ति तथा धन-वैभव व संपत्ति की वृद्धि के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। शिविर में शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। तीसरे दिन धन प्राप्ति पर केंद्रित ध्यान शिविर के तीसरे दिन सुबह 5:15 बजे से 6 बजे तक विशेष ध्यान सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में श्रावक-श्राविकाओं के साथ बच्चे, युवा और वरिष्ठजन शामिल हुए। मुनि आदित्य सागर महाराज ने बीजाक्षर मंत्रों के माध्यम से ध्यान कराया और बताया कि सही ध्यान पद्धति से जीवन के हर क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। 1500 से अधिक लोगों ने लिया भाग, शंका समाधान भी हुआ करीब 1500 श्रद्धालुओं ने शिविर में भाग लिया। ध्यान सत्र के बाद मुनि आदित्य सागर महाराज द्वारा श्रद्धालुओं की शंकाओं का समाधान किया गया। तीन दिन चले शिविर के दौरान कई प्रतिभागियों ने मंच से अपने अनुभव साझा किए। श्रद्धालुओं ने बताए ध्यान के लाभ श्रद्धालु नीलम जैन ने बताया कि यह उनका पहला ध्यान शिविर था। पहले वे कुछ मिनट भी जमीन पर नहीं बैठ पाती थीं, लेकिन अब दो घंटे तक सहजता से ध्यान कर पाईं और शरीर में सकारात्मक बदलाव महसूस हुआ। वहीं पूजा जैन ने कहा कि शिविर के बाद शरीर में नई ऊर्जा का अनुभव हो रहा है। भोपाल से आईं अनमोल जैन ने बताया कि मंत्रों के माध्यम से गहरी शांति का अनुभव हुआ, जो उनके लिए बहुत विशेष रहा। प्रायोजकों का किया सम्मान समापन समारोह में तीन दिवसीय मंत्राक्ष ध्यान शिविर के प्रायोजक कुलवीर ग्रुप के डायरेक्टर अतुल पाटनी, राहुल शर्मा और सिद्धार्थ शर्मा को यंत्र और मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही अन्य सभी प्रायोजकों का भी सम्मान किया गया।


