मुर्गा लड़ाई के जरिए ग्रामीण करते हैं अपने नसीब का आकलन

डुमरिया प्रखंड के बाउड़ी हाट में मुर्गा पाड़ा का आयोजन किया गया। प्रत्येक साल मकर संक्रांति के अवसर पर बाउड़ी के दिन मुर्गा लड़ाई का आयोजन किया जाता है। मुर्गा पाड़ा में मुर्गा की लड़ाई देखने के लिए हजारों की संख्या में भीड़ थी। आदिवासियों की पारंपरिक मुर्गा लड़ाई आदि परंपरा और मनोरंजन का आयोजन है। डुमरिया बाउड़ी पाड़ा का आयोजन किसी कमेटी के द्वारा नहीं होती है। बाउड़ी के अवसर पर आयोजित होने वाला काफी पुराना मुर्गा पाड़ा होने के कारण मुर्गा लड़ाई प्रेमी पहुंचते है। यहां का मुर्गा पाड़ा का खासियत यह है कि लोग एक दूसरे के साथ मुर्गा की जोड़ी कर लड़ाते है। किसी तरह का कोई शुल्क नहीं लगता है। जीतने पर सिर्फ कांतकार को ही शुल्क देना होता है। मुर्गा लड़ाने वाले मनोज ने बताया कि बाउड़ी के दिन मुर्गा लड़ना एक मनोरंजन के साथ पूरे साल भर अपना नसीब का आकलन पाड़ा प्रेमी करते है। इसलिए हम लोग बाउड़ी के दिन मुर्गा लड़ाते हैं।

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