गुरु तेग बहादुर साहिब और उनके साथ शहीद हुए भाई मती दास, भाई सती दास तथा भाई दयाला जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित नगर कीर्तन का मुल्लापुर दाखा पहुंचने पर श्रद्धा और उत्साह के साथ स्वागत किया गया। नगर कीर्तन लगभग 12 घंटे की देरी से मुल्लापुर पहुंचा। इसके बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह बरकरार रहा। देर रात तक विभिन्न पड़ावों पर संगत ‘सतनाम वाहेगुरु’ का जाप करते हुए कीर्तन के आगमन का इंतजार करती रही। सुबह लगभग 3 बजे नगर कीर्तन गुडे और ढट्ट से होते हुए मुल्लापुर इलाके में प्रवेश किया। इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा लगाए गए जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। संगत ने फूल वर्षा, सेवा और जलपान के स्टॉल लगाकर कीर्तन का गर्मजोशी से स्वागत किया। नगर कीर्तन की अगवानी जगराओं के एडीसी कुलप्रीत सिंह, ईओ गलाड़ा अमित गुप्ता, नगर कौंसिल मुल्लापुर के ईओ हैप्पी जिंदल और क्लर्क लखविंदर सिंह ने की। इस अवसर पर बलविंदर वसन, मुकेश कामरेड, तेजिंदर सिंह काकू, प्रिंस गोयल, योगेश गोयल, अमनदीप सिंह अप्पू, जगसीर सिंह खालसा, चमकौर सिंह, हरप्रीत सिंह, कवरजीत सिंह और टहल सिंह आदि गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। पूरे शहर में श्रद्धा, सेवा और भक्ति का संगम देखने को मिला। स्थानीय गुरुद्वारों, सामाजिक संगठनों और युवा जत्थों ने नगर कीर्तन में शामिल श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए कई सेवा और जलपान स्टॉल लगाए थे। गुरु तेग बहादुर साहिब और भाई मती दास, भाई सती दास तथा भाई दयाला जी की अमर कुर्बानी को समर्पित यह नगर कीर्तन मुल्लापुर के लिए एक महत्वपूर्ण घटना रही।


