गिरिडीह | पैग़ंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम के जन्म दिन ईद मिलादुन्नबी के मौके पर जहां शहर में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाली जा रही थी, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम समाज ने मानवता और सेवा की मिसाल पेश करते हुए रक्तदान शिविर का आयोजन कर सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया। शुक्रवार को बड़ा चौक स्थित जामा मस्जिद परिसर में आयोजित रक्तदान शिविर में 114 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। वहीं, डांडीडीह मस्जिद में आयोजित रक्तदान शिविर में 42 यूनिट रक्त एकत्र हुआ। दोनों जगहों पर युवाओं, बुजुर्गों और समाजसेवियों ने बड़ी संख्या में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर रक्तदाताओं ने कहा कि हज़रत मोहम्मद साहब के बताए रास्ते पर चलकर इंसानियत की सेवा करना चाहते हैं। रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं होता, और यह एक ऐसा नेक काम है जो ज़िंदगी बचा सकता है। ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर जहां शहर की गलियों में नाते-रसूल और सलाम की सदाएं गूंज रही थीं, वहीं रक्तदान शिविरों में इंसानियत सबसे बड़ा मज़हब है का संदेश लोगों के बीच जाता रहा। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि धार्मिक पर्व केवल इबादत और खुशी का नहीं, बल्कि समाजसेवा और मानवता का भी अवसर हो सकते हैं। रक्तदान शिविर में सदर अस्पताल ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. सोहेल अख्तर, संत कुमार, रंजीत कुमार, आशीष कुमार सहित कई कर्मी मौजूद थे।


