नागौर कृषि उपज मंडी में पिछले सात दिनों से मूंग की तुलाई न होने से नाराज किसानों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। आक्रोशित किसानों ने मंडी के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और जमकर नारेबाजी की। किसानों का आरोप है कि मंडी प्रशासन और अधिकारियों की लापरवाही के कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। सात दिनों से परेशान किसान: प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बताया कि वे पिछले सात दिनों से अपनी उपज लेकर मंडी में बैठे हैं। खेतस गांव के किसान आसुराम सियाग ने बताया कि मूंग की ग्रेडिंग को लेकर अधिकारी टालमटोल कर रहे हैं। कभी ग्रेडिंग खुद करवाने को कहते हैं, तो कभी मशीनों में खराबी का बहाना बनाया जाता है। किसानों का कहना है कि एक-दो कट्टे तौलने के बाद काम बंद कर दिया जाता है, जिससे लंबी कतारें लग गई हैं। भारी आर्थिक बोझ: किसानों का कहना है कि उन्हें प्रतिदिन ट्रैक्टर का 1500 रुपये किराया देना पड़ रहा है। सात दिनों में एक-एक किसान पर 10,000 रुपये से अधिक का अतिरिक्त भार पड़ चुका है। वे अपनी उपज का सही दाम पाने के लिए मंडी आए थे, लेकिन यहां की अव्यवस्थाओं ने उनकी कमर तोड़ दी है। भ्रष्टाचार और दलाली के आरोप: किसानों ने मंडी में दलाली और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि बिना मूंग लाए भी टोकन बेचे जा रहे हैं, जबकि जो किसान अपनी मेहनत की कमाई लेकर आए हैं, उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। व्यापारियों और अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों का शोषण किया जा रहा है। समझाईस के बाद खोला ताला घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय पुलिस कृषि मंडी सचिव और कोआपरेटिव सोसाइटी के रजिस्ट्रार किसानों के बीच पहुंचे और किसानों से समझाईस कर मंडी का ताला खुलवाया जिसके बाद मंडी में कामकाज सुचारु हो पाया। कोआपरेटिव सोसाइटी द्वारा आगामी तीन चार दिनों में सभी किसानों की मूंग तुलाई का आश्वासन दिया गया है। संसाधनों की कमी की वजह से नहीं हो पा रही तुलाई इस मामले में मूंग खरीद कर रही कोआपरेटिव सोसाइटी के रजिस्ट्रार सुभाष सिरवा ने बताया कि इस बार टोकन ज्यादा कट गए थे जिसकी वजह से मंडी में ज्यादा किसान तुलाई के लिए आए हैं और हमारे पास संसाधन सिमिति होने कि वजह से मूंग तुलाई में देरी हो रही है। अब किसानों को समझा दिया गया है और 3-4 दिन में सबकी तुलाई हो जाएगी


