मृतकों के परिजनों को मुआवजे में हेराफेरी:कोरबा में एक लाख की जगह मिले 75 हजार; आरोप के बाद में पार्षद ने दिए पूरे पैसे

कोरबा जिले में करंट लगने से 2 युवकों की मौत हो गई थी। हादसा 20 जून को रेलवे स्टेशन के सामने पोखरी मैदान क्षेत्र कदमाहाखार में हुआ। हादसे के 4 दिन बाद SECL ने दोनों मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपए की क्षतिपूर्ति देने की घोषणा की थी। जिसके बाद SECL ने पूरी राशि पार्षद नारायण कुर्रे को सौंप दी थी। परिजनों ने आरोप लगाया है कि उन्हें केवल 75-75 हजार रुपए ही मिले हैं। वीरेंद्र के चाचा मनोज यादव ने बताया कि तीन किस्तों में उन्हें 75 हजार रुपए मिले हैं और बाकी 25 हजार का इंतजार है। एसईसीएल का कहना है कि पूरी राशि घटना के बाद तत्काल सहायता के रूप में 25 हजार रुपए दिए गए। शेष राशि 24 घंटे के भीतर देने का वादा किया गया। परिजनों के विरोध के बाद पार्षद ने वीरेंद्र के परिवार को बाकी राशि उपलब्ध करा दी। पार्षद नारायण कुर्रे का कहना है कि उन्हें कई बार फोन किया गया, लेकिन वे प्रतिक्रिया नहीं दे पाए। विभाग ने अलग-अलग किस्तों में राशि का भुगतान किया है। SECL ने दिया मुआवजा बता दें कि घटना एसईसीएल की टूटी हुई विद्युत लाइन से चपेट में आने के बाद हुई थी, इसलिए SECL ने मुआवजे की घोषणा की। घटना में 11 वर्षीय वीरेंद्र यादव विद्युत प्रवाहित तार के संपर्क में आ गया। उसे बचाने की कोशिश में 22 वर्षीय रितेश मनहर ने डंडे से मदद करने का प्रयास किया। दुर्भाग्यवश, दोनों की करंट लगने से मौत हो गई।

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