गैस गोदाम पर हुए झगड़े में उमेद सिंह नामक युवक की मौत के बाद मंगलवार को उनके परिजनों ने झालाना में विरोध प्रदर्शन किया और धरना दिया। परिजनों ने बताया कि कुछ वर्षों पहले उमेद सिंह के बड़े भाई और पिता की भी मृत्यु हो गई थी। अब परिवार में कोई कमाने वाला नहीं बचा है, जिससे तीन विधवा महिलाएं और उनके बच्चों का पालन-पोषण मुश्किल हो गया है। इसी कारण परिजनों ने प्रशासन और सरकार से मुआवजे की मांग की। डेयरी बूथ, पांच लाख रुपए का मुआवजा और संविदा पर नौकरी देने की सहमति बनी मौके पर भाजपा नेता सुमन शर्मा पहुंचीं। उनकी मध्यस्थता के बाद मृतक के परिवार को डेयरी बूथ, पांच लाख रुपए का मुआवजा और संविदा पर नौकरी देने की सहमति बनी। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया। मालवीय नगर पुलिस थाना, जयपुर पूर्व में 28 नवंबर को मृतक की पत्नी संपत कंवर (34) ने एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उनके पति उम्मेद सिंह भाटी रात 2 बजे पेंटिंग का काम करके घर लौट रहे थे, तभी नीरज सैन नामक लड़के ने उन्हें रास्ते में रोका। संपत कंवर ने बताया- नीरज सैन ने उनके पति को सड़क पर गिराकर पत्थर से उनके चेहरे और सिर पर वार किया। उन्होंने यह भी बताया कि नीरज सैन पहले भी उनके पति को जान से मारने की धमकी दे चुका था। उम्मेद सिंह को गंभीर हालत में एसएमएस अस्पताल के आईसीयू ट्रॉमा में भर्ती कराया गया था। मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई था। पुलिस उपायुक्त संजीव नैन (आईपीएस), जयपुर पूर्व ने बताया- थानाधिकारी वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में मालवीय नगर पुलिस टीम ने आरोपी नीरज सैन को 30 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया।


