गोड्डा जिले के मेहरमा थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ रही मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं के बीच पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गोड्डा पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि भागलपुर (बिहार) के टोपरा, पीरपैती निवासी दीपक कुमार के पास चोरी की कई मोटरसाइकिलें छिपाई गई हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने तुरंत एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया। टीम को सीमा पार जाकर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद विशेष दल ने पीरपैती थाना क्षेत्र के टोपरा गांव में छापेमारी की और 21 वर्षीय दीपक कुमार, पिता बटेश्वर यादव को हिरासत में ले लिया। मौके पर ही संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए पुलिस ने उससे विस्तार से पूछताछ शुरू की। पूछताछ में खुला चोरी का नेटवर्क हिरासत में लिए गए दीपक कुमार ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि वह लंबे समय से अपने साथियों के साथ मिलकर गोड्डा और साहेबगंज जिलों के हाट-बाजारों को निशाना बनाता था। भीड़भाड़ वाली जगहों पर मौका मिलते ही यह गिरोह मोटरसाइकिल चोरी कर लेता था और फिर उन्हें भागलपुर जिले के दियारा क्षेत्र में ऊंचे दामों पर बेच देता था। पुलिस के अनुसार आरोपी इस काम में काफी सक्रिय रहा है। उसके खिलाफ मेहरमा थाना में पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पूछताछ के दौरान दीपक ने चोरी की बाइकें कहां छिपाई गई हैं, इसकी जानकारी भी पुलिस को दी। उसकी निशानदेही पर टीम ने अलग-अलग मामलों से संबंधित कुल सात मोटरसाइकिलें बरामद कीं, जिनमें दो हीरो डीलक्स, दो ग्लैमर, दो हीरो स्प्लेंडर प्लस और एक टीवीएस अपाची शामिल हैं। कार्रवाई से मिली बड़ी राहत, अन्य साथियों की तलाश जारी बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गोड्डा पुलिस की इस कार्रवाई से जिले में लगातार हो रही मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं पर लगाम लगने की उम्मीद जताई जा रही है। महागामा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चंद्रशेखर आज़ाद ने बताया कि दीपक के अन्य साथियों की पहचान की जा रही है। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस का कहना है कि पूरा गिरोह पकड़ में आते ही क्षेत्र की वाहन चोरी की अधिकांश घटनाओं का खुलासा हो जाएगा। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से स्थानीय लोगों में भी राहत है और उन्होंने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया है।


