मेक इन लुधियाना यार्न सॉफ्ट व हल्का, 15 विदेशी कंपनियों में डिमांड

देश की टेक्सटाइल और होजरी राजधानी के रूप में पहचाना जाने वाला लुधियाना अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीन को सीधी टक्कर दे रहा है। यहां तैयार हो रहा हाई-क्वालिटी यार्न आज 15 बड़ी इंटरनेशनल कंपनियों तक पहुंच रहा है। खास बात यह है कि इस साल गंगा एक्रोवूल्स लिमिटेड ने ऐसे 150 नए किस्म के यार्न तैयार किए हैं, जिनकी यूरोप समेत कई विदेशी बाजारों में जबरदस्त मांग है। गंगा एक्रोवूल्स के अमित थापर ने बताया कि लुधियाना में तैयार यार्न की क्वालिटी चीन से कहीं बेहतर है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने लुके यार्न तैयार किया है, जो बेहद सॉफ्ट और हल्का है। इस यार्न से बना स्वेटर जहां सिर्फ 340 ग्राम का होता है, वहीं सामान्य यार्न से बने स्वेटर का वजन करीब 550 ग्राम होता है। हल्के और गर्म कपड़ों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह यार्न विदेशी बाजार में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। चीन से बेहतर यार्न लुधियाना में बनने लगा प्रोडक्शन के मुकाबले कहीं बेहतर क्वालिटी का यार्न तैयार कर रही हैं। इसी वजह से लुधियाना का यार्न अब अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की पहली पसंद बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस साल लुधियाना से इंग्लैंड, वियतनाम, तुर्की और अफ्रीका के बाजारों में भी यार्न की सप्लाई शुरू हो गई है। यानी अब लुधियाना की होजरी इंडस्ट्री ने नए देशों में भी अपनी मजबूत पहचान बना ली है। यूरोप की मार्केट को देख कर उनके फैशन के मुताबिक डिजाइनों को तैयार किया जा रहा है। जो अभी बड़ा चैलेंज है। उन्होंने बताया कि ऐसी टेक्नोलॉजी चाइना भी बना सकती है। इस बार 100 प्रतिशत कॉटन यार्न के साथ-साथ कॉटन मैजिक यार्न भी तैयार किया गया है, जिसमें 60 प्रतिशत कॉटन, 20 प्रतिशत नायलॉन और 20 प्रतिशत विस्कोस शामिल है। मनदीप शर्मा का कहना है कि लुधियाना का यार्न अब पूरी दुनिया में जा रहा है और उसकी क्वालिटी देखकर चीन की इंडस्ट्री भी हैरान है। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग की मांग के अनुसार सबसे हल्का और सबसे गर्म कपड़ा इस बार लुधियाना ने तैयार कर दिखाया है। यह साफ संकेत है कि आने वाले समय में लुधियाना टेक्सटाइल इंडस्ट्री ग्लोबल मार्केट में और मजबूत होगी। वहीं, कंपनी के सेल्स मैनेजर मनदीप शर्मा ने बताया कि पहली बार कंपनी की ओर फिंगर निटिंग यार्न तैयार किया गया है जिसकी विदेशों में सबसे ज्यादा मांग है। इसके अलावा ब्लैंकी यार्न, जो बच्चों के सूट और कुशन बनाने में इस्तेमाल होता है। अमित थापर ने बताया कि कंपनी की ओर से इस साल इटली और जर्मनी से नई टेक्नोलॉजी वाली मशीनें मंगवाई हैं, जो चीन में होने वाली हल्की प्रोडक्शन के मुकाबले कहीं बेहतर क्वालिटी का यार्न तैयार कर रही हैं।

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