बूंदी के लाखेरी-पापड़ी क्षेत्र में मेज नदी पर प्रस्तावित नई पुलिया का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। इसके चलते यातायात आज भी पुरानी और जर्जर पुलिया से संचालित हो रहा है, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, मेज नदी की पुरानी पुलिया पर पहले भी कई गंभीर हादसे हो चुके हैं। हाल ही में सवाई माधोपुर से सीसवाली जा रहे एक युवक की कार बेकाबू होकर नदी में गिर गई थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इससे पहले, वर्ष 2022 में एक दर्दनाक घटना हुई थी जब एक तेज़ रफ़्तार बस मेज नदी में गिर गई थी। इस हादसे में 22 लोगों की जान चली गई थी, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था। बताया जा रहा है कि उसी भयावह दुर्घटना के बाद भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए मेज नदी पर नई पुलिया के निर्माण की घोषणा की गई थी। हालांकि, वर्षों बाद भी यह कार्य अधूरा है। वर्तमान में, 8 लेन (संकरी व्यवस्था) के कारण वाहनों का भारी जमावड़ा लगा रहता है, जिससे जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि दिन-रात भारी वाहन, बसें और निजी गाड़ियां इसी पुरानी पुलिया से गुजर रही हैं। बरसात या रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, जिससे लोगों में हर समय किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से नई पुलिया का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने और तब तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। कंटेंट: लोकेश मीणा


