राजस्थान सरकार की नई ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति के तहत अब जयपुर शहर की सूरत बदल जाएगी। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने शहर में 5 विशेष TOD कॉरिडोर की घोषणा की है। इससे अब मेट्रो स्टेशनों के आसपास के इलाकों को बहुत ही सुनियोजित तरीके से बसाया जाएगा। वहीं केंद्र सरकार से करीब 60 करोड़ रुपए की अतिरिक्त फंड मिलने की संभावना है। अक्सर मेट्रो स्टेशनों के पास आबादी अपने आप बढ़ जाती है। इससे वहां भीड़भाड़ और अव्यवस्था फैलती है। TOD नीति का मकसद इस फैलाव को ‘अनियंत्रित’ होने से रोककर ‘नियोजित’ बनाना है। मेट्रो स्टेशन तक जल्द पहुंच सकेंगे लोग, 800 मीटर तक होंगे TOD जोन
JDA अब इन TOD कॉरिडोर में TOD नोड चिन्हित करेगा। हर TOD नोड के चारों ओर लगभग 800 मीटर का क्षेत्र TOD जोन माना जाएगा। इसी जोन में नीति के प्रावधानों के अनुसार विकास किया जाएगा। मेट्रो स्टेशन के 800 मीटर के दायरे में ऐसी व्यवस्था होगी कि लोग पैदल या नॉन-मोटराइज्ड व्हीकल्स से आसानी से स्टेशन पहुंच सकेंगे। यहां मिश्रित भू-उपयोग होगा। इससे एक ही इलाके या बिल्डिंग में घर, दुकानें और ऑफिस सब हो सकेंगे। इससे जरूरतों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। घर के पास मेट्रो और जरूरी सुविधाएं होंगी तो सड़कों पर गाड़ियों का बोझ कम होगा और प्रदूषण भी घटेगा। यहां बनेंगे ये कॉरिडोर
JDA ने जयपुर मेट्रो के पहले चरण (बड़ी चौपड़ से मानसरोवर) के रूट पर ये 5 कॉरिडोर घोषित किए हैं। ये सभी कॉरिडोर जयपुर मेट्रो के एक्टिव पहले चरण बड़ी चौपड़ से मानसरोवर रूट के आसपास स्थित हैं। राजस्थान को मिलेंगे 60 करोड़ रुपए
इन कॉरिडोर को समय पर घोषित करने से राजस्थान सरकार के लिए केंद्र सरकार की स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इनवेस्टमेंट (SASCI) योजना के तहत करीब 60 करोड़ रुपए की अतिरिक्त फंडिंग का रास्ता खुल गया है। केंद्र सरकार ने शहरों में सुधार के लिए यह शर्त रखी थी, जिसे JDA ने तेजी से पूरा कर लिया है। जमीन मालिकों को होगा फायदा
स्वैच्छिक योजना: इस नीति के तहत डवलपमेंट करना पूरी तरह जमीन मालिक की मर्जी पर निर्भर रहेगा। अगर कोई जमीन या प्रॉपर्टी मालिक इस स्कीम का हिस्सा बनना चाहता है, तो वह आवेदन कर सकता है। ज्यादा निर्माण की छूट: इन कॉरिडोर में ‘अधिक निर्मित क्षेत्र’ (BAR) की अनुमति मिलेगी, जिससे जमीन का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा। चयन का आधार: JDA उन जगहों को ‘नोड’ के रूप में चुनेगा, जहां खाली जमीन, सरकारी आवास या औद्योगिक क्षेत्र हैं। जहां पानी-बिजली जैसी सुविधाएं आसानी से दी जा सकें। आने वाले समय में ये कॉरिडोर जयपुर को आधुनिक और व्यवस्थित शहर बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे। इससे सफर आसान होगा, बल्कि राजधानी की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण को भी मजबूती मिलेगी। यह खबर भी पढ़ें… जयपुर मेट्रो फेज-2 को मंजूरी:अब मेट्रो विस्तार का रास्ता साफ, दक्षिण-पश्चिम इलाकों को मिलेगी नई कनेक्टिविटी जयपुर मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण पर केंद्र सरकार ने पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) की बैठक में फेज-2 की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही जयपुर में मेट्रो विस्तार का रास्ता लगभग साफ हो गया है। अब इस परियोजना को अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय कैबिनेट के पास भेजा जाएगा। (पूरी खबर पढ़ें)


