मेडिकल कॉलेज स्कैम-इंदौर समेत 15 ठिकानों पर ईडी की रेड:अकाउंट सेक्शन सील; एमपी-छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में एक साथ पहुंची टीम

इंदौर में इंडेक्स मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल पर ईडी ने गुरुवार सुबह से छापेमार कार्रवाई की है। टीम ने मेडिकल कॉलेज के अकाउंट सेक्शन को सील कर दिया है। ईडी ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के साथ देशभर के 15 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा है। 5 महीने पहले CBI​​​​​ ने की थी​​ देशभर में छापेमारी
CBI ने 5 महीने पहले कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और मध्य प्रदेश में 40 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए। CBI के अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी निरीक्षण प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए विभिन्न रणनीतियों का इस्तेमाल कर रहे थे। 3 डॉक्टरों समेत 6 की हुई थी गिरफ्तारी
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने मेडिकल कॉलेज की मान्यता रिपोर्ट को अनुकूल बनाने के लिए रिश्वत लेने के आरोप में 3 डॉक्टरों समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया था। इस स्कैम में छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर स्थित श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च का नाम भी जुड़ा है। CBI की जांच के अनुसार नवा रायपुर स्थित श्री रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज (SRIMSR) के पक्ष में रिपोर्ट बनाने मामले में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) की टीम ने हवाला के जरिए 55 लाख रुपए की रिश्वत ली है। गिरफ्तार आरोपियों में डॉ. मंजप्पा सीएन, डॉ. चैत्रा एमएस, डॉ. अशोक शेलके, अतुल कुमार तिवारी, सथीशा ए और रविचंद्र के. शामिल हैं। मान्यता के लिए 2 से 3 करोड़ में हुई डील
इस मामले में रावतपुरा सरकार यानी रविशंकर महाराज मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आए हैं। यह भिंड (लहार) के हैं। मेडिकल कॉलेज का रावतपुरा सरकार से सालों से संबंध हैं। कॉलेज प्रबंधन ने रावतपुरा के साथ संपर्कों का लाभ उठाया और धीरे-धीरे सरकारी सिस्टम में पैठ बना ली। दोनों की जुगलबंदी ने कॉलेज को मान्यता दिलाने में एक्सपर्ट बना दिया। इसमें कमीशन खाया। एक-एक कॉलेज की मान्यता के लिए लाखों नहीं बल्कि दो से तीन करोड़ रुपए तक की डील हुई है। इसमें कमीशन खाया गया। राशि संबंधित को हवाला के जरिए पहुंचाई जाती थी।

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