मेरठ में तोता लापता, तलाश के पोस्टर लगे:10 दिन पहले उड़कर गया, वापस नहीं आया; तलाशने वाले को 5 हजार के इनाम का ऐलान

मेरठ में एक मिट्‌ठू ‘किट्टू’ गायब हो गया है। उसका मालिक अरश्द उसकी तलाश में परेशान है। 10 दिन पहले उड़कर लापता हुए तोते का अब तक सुराग नहीं लग सका है। अरशद और उसके परिवार के 52 सदस्य शहर भर में तलाश रहे हैं। कहीं कोई सुराग नहीं मिलने पर तोता की तस्वीर का पोस्टर चिपका रहे हैं। अरशद ने अपने पालतू तोते को तलाश कर लाने वाले को 5 हजार रुपये नगद इनाम देने का ऐलान भी किया है। अरशद ने बताया- 3 साल पहले यह तोता उनके आंगन में आया था, तब वह उड़ना नहीं जानता था। परिवार ने उसे पाला और वह अब उनका अभिन्न सदस्य बन गया। किट्टू’ परिवार के साथ डाइनिंग टेबल पर खाना खाता था और उसे कभी पिंजरे में बंद नहीं किया गया। पहले ‘किट्टू’ की 3 तस्वीरें देखिए… पढ़िए पूरा मामला… मेरठ के शाहपीर गेट क्षेत्र में अरशद अपने परिवार के साथ रहते हैं। कार गैरेज का काम करने वाले अरशद ने 3 साल पहले एक तोता पाला था। अरदश बताते हैं कि तीन साल पहले यह तोता खुद ही उनके आंगन में आ गया था। तब वह उड़ना नहीं जानता था। तभी से उसे अपने परिवार का सदस्य बना लिया। उसका नाम दिया किट्‌टू। देखते ही देखते वह परिवार में सभी से घुलमिल गया। बच्चों ने भी उसकी खूब देखभाल की। अरशद बताते हैं कि 10 दिन पहले वह अपने वर्कशॉप में कुर्सी पर बैठे हुए थे। किट्‌टू भी पास ही में बैठा था। वह उसके साथ खेल रहे थे। इसी बीच वह बाहर की तरफ उड़ा। पहलवान होटल की तरफ गया। फिर ओर उड़ गया। वह समझे थोड़ी देर में आ जाएगा। लेकिन नहीं आया। परिवार के सदस्य, विशेषकर बच्चे, तोते के लापता होने से काफी परेशान हैं। डाइनिंग टेबल पर खाना खाता था, पिंजरे में नहीं किया बंद अरशद बताते हैं कि परिवार में सभी ने किट्‌टू को बच्चे की तरह पाला। वह पिंजरे में नहीं रहता था। बच्चों के साथ ही रहता और खेलता था। वह परिवार के साथ ही डाइनिंग टेबल पर खाना खाता था। रात में सोने के लिए पिंजरे में जाता था। सुबह होते ही खुद ही पिंजरे से बाहर आ जाता था। किट्टू खाता था बिस्कुट-दूध और पसंद थे गोलगप्पे अरशद के परिवार के सदस्यों ने बताया- किट्टू को बिस्कुट और दूध बहुत पसंद था। घर के सभी लोग जब नाश्ता करते, तो किट्टू भी उनके साथ बैठ जाता। सबसे हैरानी की बात यह थी कि किट्टू गोलगप्पे भी बड़े चाव से खाता था। परिवार जहां भी घूमने जाता, किट्टू को साथ ले जाना नहीं भूलता था। अरशद के कांधे पर बैठकर शहर में घूमता था अरशद बताते हैं कि उन्होंने अपने किट्‌टू को कभी भी कैद में नहीं रखा। वह उसे लेकर बाहर घूमने जाते थे। अक्सर सिर्फ उसी को घुमाने के लिए बाहर निकलते थे। कभी दोपहिया तो कभी कार में लेकर घूमने जाते थे। घूमने के दौरान वह अरशद के कांधे पर ही बैठा रहता था। रास्ते में अरशद मुंह से सिटी की आवाज निकालते तो वह भी नकल में वैसी ही आवाज निकालता था। परिवार में 52 सदस्य, सभी तलाश में जुटे अरशद बताते हैं कि उनके परिवार में कुल 52 सदस्य हैं। सभी लोग ‘किट्टू’ के लापता होने से चिंतित हैं। उन्होंने तोते को खोजकर लाने वाले को 5,000 रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। ‘किट्टू’ के गायब होने का मामला शाहपीर इलाके में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। पोस्टर लगाकर तोते की तलाश किट्टू की तलाश में गांधीनगर, कैलाशपुरी, हापुड़ अड्डा और सूरजकुंड क्षेत्रों में पोस्टर लगाए हैं। अरशद ने अब शहर में जगह-जगह पोस्टर चिपकाया है। अपने लापता तोता की तस्वीर भी पोस्टर में छपवाई है। अपना मोबाइल नंबर भी लिखवाया है। ताकि किसी को तोते के बारे में जानकारी मिले तो उन्हें बता दे। पोस्टर में उन्होंने कहा है कि तोता का पता बताने वाले को 5 हजार रुपये का इनाम देंगे। ————– ये खबर भी पढ़ेंः माफिया अतीक के बेटे से खौफ में झांसी के जेलर:बोले- प्रमोशन में थोड़ा समय बचा, मुझे बवाल से दूर ही रखा जाए ‘जिस बदमाश (अली अहमद) से परेशान होकर 400 km दूर ट्रांसफर कराया, वो यहां झांसी जेल में भी आ गया। मैं तो कह दूंगा कि मुझे उसकी बैरक का चार्ज न दिया जाए।’ ये कहना है झांसी जेल के जेलर अंजनी कुमार गुप्ता का। 1 अक्टूबर को अली अहमद प्रयागराज की नैनी जेल से झांसी जेल में शिफ्ट किया गया है। तब से जेलर अंजनी कुमार गुप्ता खौफ में और परेशान हैं। पूरी खबर पढ़िए

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