मेरठ में एक व्यापारी के घर से करीब 400 कबूतर चोरी हो गए। इनकी कीमत करीब 15 लाख रुपए है। मालिक का कहना है कि हर कबूतर की कीमत 20 से 50 हजार है। कबूतर चोरी करने के लिए बदमाश व्यापारी से सटे मकान से घुसे। नीचे उतरने के लिए सीढ़ी का इस्तेमाल किया। कबूतर मालिक का कहना है कि वह इन कबूतरों को लड़ाने के साथ ही उनका मीट भी बेचता था। इससे उनकी अच्छी कीमत मिल जाती थी। व्यापारी ने अपने कबूतरों के नाम मसकली और बादशाह रखे थे। पहले 2 तस्वीरें… बगल के निर्माणाधीन मकान से घुसे चोर
हाजी कय्यूम पिछले 20 साल से कबूतर पालने का व्यापार कर रहे हैं। रविवार रात चोर बगल के मकान में रखी चहली-बल्ली को सीढ़ी बनाकर हाजी की छत पर पहुंचे। चोरों ने वहां पाले गए सभी कबूतरों को चुरा लिया। सोमवार सुबह जब कय्यूम अपने कबूतरों को दाना डालने छत पर गए, तो उन्हें एक भी कबूतर नहीं मिला। कबूतरों के रखे हैं कई तरह के नाम
कय्यूम ने बताया- कैलकुलेशन करने पर कबूतर 10 से 15 लाख रुपए के हैं। कबूतरों में कोलकाता नस्ल, कलसीरा, सहारनपुर, कलर्स और मद्रासी शामिल हैं। कय्यूम का कहना है कि उसने अपने कुछ कबूतरों का नाम बादशाह, ललसीरा, दुबाज, गजरा, कलदुमा, मसकली रखे थे। कय्यूम का कहना है कि उन्होंने चोरी की सूचना पुलिस को दी। लेकिन, पुलिस चोरों की तलाश करने की जगह हमारे परिवार वालों को ही हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। हालांकि, पुलिस ने बाद में मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली। कय्यूम ने बताया कि मांस उत्पादन के लिए पाली जाने वाली आम कबूतर की नस्लों में व्हाइट किंग, रेड कार्नेउ, फ्रेंच मोंडेन और विशाल होमर्स होते हैं। —————————— यह जरूरी खबर भी पढ़ें दिल्ली भगदड़-उन्नाव की बच्ची के सिर में रॉड घुसी, मौत; पिता बोले- भीड़ देखकर घर लौट रहे थे, सीढ़ियों पर बच्ची का हाथ छूट गया नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में उन्नाव की 9 साल की बच्ची की मौत हो गई। भगदड़ के दौरान बच्ची के सिर में लोहे की रॉड घुस गई, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। पिता बेटी को ऑटो में लेकर कलावती अस्पताल भागे। अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर ने कहा- काश आप थोड़ी देर पहले आए होते। पिता की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं। उन्होंने अपने टूटे मोबाइल पर अपनी बेटी रिया की तस्वीर दिखाई। कहा- सरकार के 10 लाख से क्या मेरी बेटी लौट आएगी। पढ़िए पूरी खबर…


