भास्कर न्यूज | जालंधर भोगपुर में दो दोस्तों की मौत को लेकर थाना भोगपुर के सामने पठानकोट नेशनल हाईवे पर परिजन धरने पर बैठ गए। धरने पर बैठी मां मंजीत कौर बोलीं- गोपेश मेरी इकलौती औलाद थी, मेरी तो गोद उजड़ गई। मुझे इंसाफ चाहिए। डीएसपी ने धरने पर बैठे लोगों को समझाया कि हम पर यकीन करें। हमें टाइम दें, ताकि जांच की जा सके। पब्लिक बोली- 24 घंटे में जांच पूरी करें, तो डीएसपी बोले- पोस्टमार्टम रिपोर्ट से लेकर फॉरेंसिक जांच करवानी है। इसलिए बुधवार शाम तक का टाइम दें। इसके बाद परिजन बोले- तब तक दोनों बच्चों के शव का संस्कार नहीं करेंगे। इसके बाद धरना उठा लिया गया। बता दें कि अर्शप्रीत सिंह व गोपेश उर्फ आर्यन (17) का शव वीरवार रात मिले थे। चाचा जगदीप सिंह ने कहा था कि दोनों की हत्या की गई है, पुलिस एक्सीडेंट बता रही थी। रोती हुई मां मंजीत कौर के साथ हाईवे पर इंसाफ के लिए बैठे लोग । क्राइम सीन पर फॉरेंसिक जांच नहीं की दो दोस्तों की मौत के मामले में भोगपुर पुलिस की शुरुआती जांच में कोताही सामने आ रही है। दो मौतें हो गईं, लेकिन पुलिस ने क्राइम सीन की फॉरेंसिक जांच तक नहीं करवाई। हालांकि धरने के बाद दोपहर को खुद डीएसपी राजीव कुमार क्राइम सीन की जांच के लिए मौके पर गए थे। डीएसपी से पूछा तो बोले- अभी न तो बाइक की फॉरेंसिक जांच की गई न ही कब्जे में ली गई बैलगाड़ी की। वोट की राजनीति… मामले को लेकर सुबह 9 से 11:30 बजे तक खूब हंगामा हुआ। दोनों परिवार एक ही बात कह रहे थे कि उन्हें इंसाफ चाहिए। थाने से ही यह बात निकल कर आई है कि विवाद से जुड़े आरोपी पक्ष का एक बड़ा वोट बैंक है। इसलिए राजनीतिक दबाव में पुलिस ने सही तरीके से जांच नहीं की है। भोगपुर में यह बात चर्चा की विषय बनी हुई है कि लड़की को लेकर ही कत्ल किए गए थे।


