जयपुर | मंत्री की फोन टैपिंग को लेकर विधानसभा में कांग्रेस द्वारा 2 दिन गतिरोध के बाद भी सीएम पर जवाब नहीं देने का आरोप लगाते हुए पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सरकार को घेरा है। गुरुवार को पीसीसी में कार्यक्रम के बाद गहलोत ने कहा कि जब मेरी सरकार में फोन टैपिंग का मामला आया था तो मैंने सदन के नेता के तौर पर जवाब दिया था। मैं अधिकारिक बयान दिया था कि न किसी सांसद, विधायक या मंत्री का फोन टैप किया गया, न कर रहे और न आगे भी कभी करेंगे। यही भाव सदन के नेता के नाते सीएम भजनलाल के मन में क्यों नहीं आया? अब जब मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने फोन टैपिंग का आरोप लगाया है तो मुख्यमंत्री के नाते भजनलाल शर्मा इसका जवाब दे देते तो इतनी बात ही नहीं बढ़ती। गहलोत बेहतर जानते हैं, फोन टैप कैसे होते हैं : राजेंद्र राठौड़ जयपुर | भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के वक्तव्य पर पलटवार किया है। राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि फोन टेप करने, सरकार के षडयंत्र रचने के बारे में गहलोत अच्छी तरह से जानते है। गहलोत और उसके ओएसडी रहे लोकेश शर्मा के बीच फोन टेपिंग से संबंधित बातचीत का ऑडियो सार्वजनिक हो चुका है, जिसमें वह इंस्ट्रूमेंट नष्ट करने की बात कह रहे हैं। राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के लोग विधानसभा में विरोध कर रहे थे, सदन की गरिमा गिरा रहे थे। उसमें से आधे से ज्यादा कांग्रेसी विधायक यह कहकर बाहर निकल गए कि दलित समाज से आने वाले नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया गया और वे कांग्रेस पार्टी की बात से सहमत नहीं हैं। सीएम ने किरोड़ी के आरोप का खंडन क्यों नहीं किया : डोटासरा पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार पर फोन टैपिंग के तथ्य छिपाने का आरोप लगाया है। डोटासरा ने कहा कि 2 दिन गतिरोध के बाद सदन में सीएम ने 2 घंटे भाषण दिया, लेकिन फोन टैपिंग पर एक शब्द नहीं नहीं बोला। यदि किरोड़ीलाल का फोन टैपिंग का आरोप गलत था तो सीएम ने इसका सदन में खंडन क्यों नहीं किया? मुख्यमंत्री स्वयं के विवेक से एक शब्द नहीं बोलते। सीएम केवल वही बात करते हैं जो पर्ची दिल्ली से आती है। प्रदेश में नई परिपाटी कायम की जा रही है, जिसमें विधायक सरकार की आलोचना करता है तो उसे इनकम टैक्स, जीएसटी एजेंसियों को भेज कर डराया धमकाया जा रहा है।


