सरगुजा जिले के मैनपाट में आदिवासी समुदाय की बच्चियों को प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने की कोशिश की गई। एक महिला इन बच्चियों को प्रार्थना सभा ले जा रही थी। जिसका वीडियो भी सामने आया है। अब परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने महिला के खिलाफ FIR दर्ज कर लिया है। परिजनों ने बताया कि, महिला उनकी जानकारी के बिना ही बच्चियों को लेकर प्रार्थना सभा में जा रही थी। वहीं सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि, मामले में कड़ी कार्रवाई होगी। जानिए क्या है पूरा मामला ? जानकारी के मुताबिक, रविवार को मैनपाट के केसरा और सरभंजा गांव की 6 बच्चियों को आरती नाम की महिला प्रार्थना सभा में लेकर बरिमा जा रही थी। बरिमा में पथरई चर्च से जुड़े लोगों ने बत्तिसमां रखा था। आरती को 6 बच्चियों के साथ बरिमा प्रार्थना सभा जाते देख दिलवर यादव और अन्य युवकों ने उन्हें रोका। इस दौरान महिला ने स्वीकार किया कि उसने बच्चियों के परिजनों से अनुमति नहीं ली है। पैसे देकर धर्मांतरण कराने का आरोप स्थानीय युवक दिलबर यादव ने बताया कि, आरती माझी ने बच्चियों को 40-40 रुपए दिए थे। महिला घूम-घूमकर ईसाई समाज का प्रचार करती है। ग्रामीणों और बच्चियों को बहला-फुसलाकर प्रार्थना सभा में ले जाती है। ग्रामीणों ने अब प्रार्थना सभा में जाना बंद कर दिया तो वो बच्चों को पैसे देने का लालच देकर ले जाती है। दिलवर यादव ने बताया कि रविवार को प्रार्थना सभा के साथ बत्तिसमा का कार्यक्रम था। परिजनों को जब इसकी जानकारी मिली तो वे साथ में रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंचे हैं। पुलिस ने दर्ज की FIR इस मामले में दिलवर यादव की रिपोर्ट पर कमलेश्वरपुर पुलिस ने आरती माझी के खिलाफ छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्रय अधिनियम 1968 की धारा 5 (क) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने बच्चों के परिजनों का भी बयान दर्ज किया है। परिजनों ने बताया कि उन्हें बच्चियों को साथ ले जाने की जानकारी ही नहीं थी। विधायक बोले-कड़ी कार्रवाई होगी इस मामले को लेकर सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि, मैनपाट ब्लॉक में धर्मांतरण का मामला सामने आया है। इसकी जांच होगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। भाजपा नेता और मैनपाट के पूर्व मंडल अध्यक्ष रजनीश पांडेय ने कहा कि, मैनपाट के बरिमा, कुदारीडीह, सरभंजा, केसरा, नर्मदापुर, कुनिया रोपाखार, सपनादर में बड़ी संख्या में माझी, मझवार समाज के लोग रहते हैं, जो सनातन धर्म को मानने वाले हैं। इन समुदाय की बच्चियों का ब्रेन वास कर धर्म परिवर्तन की कोशिश की जा रही है, जिससे तनाव की स्थित बन सकती है।


