छिंदवाड़ा के परासिया मार्ग पर स्थित सतनूर गांव में मोक्षधाम जाने के मार्ग को लेकर आवाज उठाने वाले परिवार पर दबंगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। शुक्रवार शाम हुए इस हमले में महिलाओं सहित 5 लोग घायल हो गए, जिनमें 2 को सिर में गंभीर चोट आई है। घायलों में भारत विंझाडे, गुड्डो बाई, विनोद चौकसे, सनकी बाई और एक अन्य शामिल हैं। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मोक्षधाम की जमीन को लेकर यह विवाद हुआ। SDM के जाते ही हुआ हमला घायल भारत विंझाडे ने बताया कि मोक्षधाम की जमीन से जुड़े विवाद को लेकर एसडीएम शुभम यादव गांव पहुंचे थे। इस दौरान उन्हें और उनके परिवार को मौके पर बुलाया गया था। एसडीएम ने मोक्षधाम तक जाने वाले रास्ते को लेकर दोनों पक्षों से जानकारी ली।एसडीएम के मौके से रवाना होते ही दूसरे पक्ष के लोगों ने अचानक लाठी-डंडों से हमला कर दिया। भारत ने बताया कि हमले में उनकी मां गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ीं, जबकि वे खुद बेहोश हो गए। होश में आने के बाद उन्होंने तत्काल एसडीएम को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद एसडीएम के निर्देश पर सचिव को मौके पर भेजा गया, जिन्होंने एम्बुलेंस बुलवाकर घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया और देहात थाना पुलिस को सूचना दी। 2 दर्जन से अधिक लोगों पर हमला करने का आरोप पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि हमले में अमित यादववंशी, खेलन यादववंशी, गोविंद यादववंशी, जागेश्वर, भुवन, घनश्याम, उमाशंकर, रितेश सहित करीब दो दर्जन से अधिक लोग शामिल थे। जय भीम सेना ने पुलिस पर लगाए लापरवाही के आरोप घटना की जानकारी मिलने पर जिला अस्पताल पहुंचे जय भीम सेना के अध्यक्ष शिवम पहाड़े ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो यह घटना नहीं होती।शिवम पहाड़े ने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो जय भीम सेना पुलिस के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेगी। देहात थाना निरीक्षक ने बताया कि घटना की जानकारी लगते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की ओर मामला दर्ज कर लिया गया है जिस पर विस्तृत जांच की जा रही है। इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… दबंगों ने रोकी अंतिम यात्रा, 31 घंटे बाद अंत्येष्टि छिंदवाड़ा के उमरेठ तहसील के सतनूर गांव में 31 घंटे बाद एक महिला के शव का अंतिम संस्कार हो सका। मुक्तिधाम (श्मशान) जाने वाले रास्ते को लेकर जमीनी विवाद चल रहा है। इसके चलते अंतिम यात्रा 31 घंटे तक नहीं निकल सकी। पूरी खबर पढ़ें…


