मोगा के सरकारी अस्पताल में बुधवार को आशा वर्करों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। आशा वर्कर यूनियन की प्रधान मंदीप कौर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। आशा वर्करों की मुख्य मांग है कि उन्हें पक्की नौकरी दी जाए। सरकार ने इसकी घोषणा की थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। साथ ही केंद्र सरकार की ओर से बुजुर्गों की देखभाल के लिए प्रति माह 1000 रुपए का भत्ता भी पिछले एक साल से नहीं मिला है। 12 हजार रुपए के सालाना भुगतान की मांग मंदीप कौर ने बताया कि अन्य शहरों की आशा वर्करों को उनका हक मिल चुका है। मोगा की आशा वर्करों ने सीएमओ से कई बार मिलकर 12 हजार रुपए के सालाना भुगतान की मांग की है। लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे।


