पंजाब के मोगा के गांव घल कलां निवासी एक युवक ने प्रेमिका से कोर्ट में शादी रचा ली और सजा परिवार को भुगतनी पड़ गई। दोनों परिवारों ने कोई कार्रवाई नहीं कराई, लेकिन स्थानीय लोगों ने महिला सरपंच के पति के साथ मिलकर युवक की मां को बालों से पकड़कर घसीटा, पिता-भाई से मारपीट की और फिर गांव से बाहर निकाल दिया। बाद में लोगों ने पीड़ित परिवार के घर के गेट पर ताला लगा दिया। इस मामले में महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली ने कड़ा संज्ञान लिया है। राज लाली ने कहा-पंचायतों को कोई भी फैसला या कानून बनाने से पहले ध्यान रखना चाहिए कि क्या पूरा गांव सहमत है। यदि कुछ लोग भी सहमत नहीं है तो इस तरह के मते पास नहीं करने चाहिए। इस तरह के कानून को किसी पर थोपा नहीं जा सकता। अभी हाल ही में मोगा में दो लड़का-लड़की ने शादी करवाई है। उनके परिवार को किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। दोनों ही गांव से बाहर रह रहे है। फिर भी उनके घर जाकर उनकी मां के साथ मारपीट करना उसका घर को ताला लगाना अपराध है। इस मामले में मैंने सू मोटो लिया है। दोनों परिवारों की शादी से सहमति है। जिस महिला से मारपीट हुई है उसने भी हस्ताक्षर करके कहा है कि मैंने किसी पर कोई कार्रवाई नहीं करवानी। इस तरह के मामलों में पंचायतों को ध्यान रखना चाहिए कि इस तरह के मत्ता ना पास करे। दोनों शादी करने वाले कोई बहन भाई नहीं है। इस तरह के कानून को किसी पर थोपना शर्मनाक है। 5 मई को मोगा कोर्ट में हुई थी लव मैरिज
परिवार का कहना है कि बेटे ने 5 मई को मोगा कोर्ट में लव-मैरिज की और फिर दोनों गांव छोड़कर चले गए। 21 जुलाई रात को गांव के कुछ लोग घर पर आए। उन्होंने पहले घर के अंदर मारपीट की और फिर बाहर लाकर पीटा. हालांकि लड़की के परिवार ने थाने में किसी तरह की कोई शिकायत नहीं दी है। अभी पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है, लेकिन पुलिस ने पीड़ित परिवार को घर भेजने की बात कही है।


