मोतीडूंगरी गणेशजी को 60 क्विंटल दाल के बड़ों का भोग, 1 लाख श्रद्धालुओं ने पाई प्रसादी

श्री मोती डूंगरी गणेश मंदिर, श्री नहर के गणेशजी मंदिर व परकोटा गणेश मंदिर में बुधवार को पौषबड़ा महोत्सव मनाया गया। मोती डूंगरी गणेश मंदिर में महंत कैलाश शर्मा के सान्निध्य में प्रथम पूज्य भगवान गणेशजी का सुबह पंचामृत अभिषेक कर दाल के बड़े का भोग अर्पित किया गया। राजभोग आरती के बाद भक्तों को दोना प्रसादी का वितरण किया गया। भक्तों को मूंग, मोठ, चौंला की करीब 60 क्विंटल दाल के बड़े दोना प्रसादी में वितरित की गई। सुबह 11 से रात 10:30 बजे तक करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने पौषबड़ा दोना प्रसादी ग्रहण की। वहीं, चांदपोल स्थित परकोटा गणेश मंदिर में महंत अमित शर्मा के सान्निध्य में पौषबड़ा महोत्सव मनाया गया। सुबह पंचामृत अभिषेक कर गणेशजी को नवीन पोशाक एवं चांदी का मुकुट धारण कराकर मनमोहक फूल बंगला झांकी सजाई गई। भगवान को हलवा, पकौड़ी एवं तिल से बने व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। महाआरती के बाद भक्तों को प्रसादी वितरित की गई। भजन गायकों ने गणपति महाराज का गुणगान किया। श्री नहर के गणेशजी के सजी पौषबड़ा झांकी ब्रह्मपुरी माऊण्ट रोड स्थित श्री नहर के गणेशजी मंदिर में पौषबड़ा महोत्सव एवं भजन संध्या हुई। महंत पं. जय शर्मा के सान्निध्य में किया गया। इसके तहत प्रातः गणपति की पूजा अर्चना कर उन्हें नवीन पोशाक व साफा धारण करवा कर आरती की गई। इसके बाद गणपतिजी का फूलों से शृंगार किया। श्री गणपतिअथर्वशीर्ष के पाठ किए गए। शाम 5 बजे गजानन्दजी को गरमागरम दाल के बड़े, आटे व गुड़ से बने पुए, हलवा, पुड़ी, सब्जी, हरे धनिया की चटनी के सहित गेहूं व बाजरे के चूरमा का भोग लगा कर पौषबड़ा झांकी सजाई। विशेष भोग आरती की गई। इसके बाद दर्शनार्थ आने वाले भक्तजनों को पौषबड़ा दोना प्रसादी देर रात्रि तक वितरित की गई। शाम की आरती के बाद मंदिर परिसर के जगमोहन में भक्ति संध्या का कार्यक्रम हुआ। जिसमें देश व प्रदेश के शास्त्रीय – उपशास्त्रीय एवं सुगम संगीत के गायक वादक कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं।

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