कोंडागांव में मोबाइल वेटरिनरी यूनिट ने पशुपालकों के लिए नई उम्मीद जगाई है। छत्तीसगढ़ शासन की एलएचडीसीपी योजना के तहत संचालित यह सेवा 14 सितंबर 2023 से शुरू हुई। अब तक 4643 गांवों तक इसकी पहुंच हो चुकी है। यूनिट ने अब तक 56,210 पशु-पक्षियों का इलाज किया है। साथ ही 56,410 पशुपालकों को निःशुल्क दवाइयां वितरित की हैं। टीम ने 578 गायों में कृत्रिम गर्भाधान और 3,150 बैलों का बधियाकरण किया है। इसके अलावा 23,002 पशुओं की स्वास्थ्य जांच और 1.35 लाख से अधिक पशु-पक्षियों का टीकाकरण भी किया गया है। एमवीयू की टीम रोजाना तीन गांवों का दौरा करती है। टीम पशुओं का इलाज करने के साथ-साथ पशुपालकों को बेहतर पशुपालन के तरीके भी सिखाती है। इस सेवा का लाभ ग्राम पदनार के श्री पोहड़ो को भी मिला। उनकी भैंस के गर्भ में बछड़े की मौत हो जाने से स्थिति गंभीर हो गई थी। एमवीयू की टीम ने तुरंत पहुंचकर मृत बछड़े को सुरक्षित निकाला और भैंस की जान बचाई। कृषि के साथ पशुपालन कोंडागांव के लोगों की आजीविका का मुख्य स्रोत है। पहले संसाधनों की कमी और समय पर इलाज न मिलने से पशुपालकों को नुकसान उठाना पड़ता था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शुरू की गई यह सेवा अब पशुपालकों के लिए वरदान साबित हो रही है।


