मोबाइल हैक करके खाते से 8.24 लाख रुपए उड़ाए

मोबाइल हैक कर 8.24 लाख की ठगी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित प्यारा सिंह ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज करवाई है कि उनके खाते से कुल 8,24,000 की नकदी गायब हो गई। उन्होंने बताया कि अचानक उनके फोन पर पेमेंट कटने के मैसेज आने शुरू हुए, पहले 4,00,000, फिर 3,00,000 और अंततः 1,24,000। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने किसी को ओटीपी नहीं दिया और किसी एप या लिंक को मंज़ूरी नहीं दी, इसलिए उन्हें शक है कि किसी ने मोबाइल हैक कर पैसे निकाल लिए। पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। {अनजान लिंक/एप पर क्लिक न करें। लिंक्स तभी खोलें जब प्रेषक भरोसेमंद हो। {मोबाइल पर आधिकारिक स्टोर (प्ले स्टोर / एप स्टोर) से ही एप डाउनलोड करें और एप के परमिशन चेक करें। {ओटीपी/पेमेंट ऑथराइज़ेशन कभी भी साझा न करें। बैंक या कोई भी आधिकारिक संस्था ओटीपी नहीं मांगती। {मोबाइल/नेटबैंकिंग की ट्रांजेक्शन लिमिट कम रखें। {फोन पर पिन/बायोमेट्रिक लॉक रखें और किसी अंजान को फोन न दें। स्क्रीन शेयर या रिमोट एक्सेस न करने दें। {क्रेडिट/डेबिट कार्ड की फोटो या विवरण फोन में न रखें। यदि किसी संदिग्ध ट्रांजेक्शन का पता चले तो बैंक को कॉल कर खाते को ब्लॉक करवा दें। {पैसा कट गया तो तुरंत बैंक को ब्लॉक/स्टॉप पेमेंट के लिए कॉल करें और साइबर थाना में एफआईआर दर्ज कराएं। शहर में एक खिलौना कारोबारी के जरिये कई लोगों के साथ साइबर फ्रॉड हो गया। इसमें लोगों की शिकायतों के बाद कारोबारी खुद भी मुसीबत में फंस गया है। मंगलवार को मामले में कारोबारी ने डीसीपी साइबर क्राइम हरपाल सिंह को मिलकर मामले में शिकायत दी है। पीड़ित कारोबारी कंवलदीप सिंह (42) वासी पंजाब माता नगर, पक्खोवाल रोड ने बताया कि उनकी गुर-टॉय नाम की दुकान है। उनके ग्राहक दूसरे राज्यों और विदेशों में है। इसलिए वह सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर प्रमोशन करते हैं। करीब 3 महीने से उन्हें गुजरात, चंडीगढ़, तमिलनाडु और विदेशों से पुलिस के नोटिस आ रहे हैं। जिसमें लोगों को ठगने के उन पर आरोप लगे हैं। उन्होंने मामले की जांच की तो पता चला कि उनके नाम पर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्लेटफार्म पर कई पेज बने हुए हैं। उन सभी पर उनकी असली वीडियो पोस्ट की गई हैं। लेकिन वहां पर नंबर, स्कैनर किसी और का होता है। लोग सामान की बुकिंग करवाते समय पहले रुपये भेज देते हैं। उसके बाद साइबर ठग लोगों को पार्सल भेजने के बहाने उनसे और रुपये ठग लेते हैं। ऐसा करते हुए अब तक करीब 4.41 लाख की ठगी हो चुकी है। क्रेडिट/डेबिट कार्ड की फोटो या विवरण फोन में न रखें साइबर विशेषज्ञ मुकेश छाबड़ा ने बताया कि ऐसे मामले अक्सर फ्रॉड लिंक/फर्जी एप के जरिए होते हैं या फिर फोन का रिमोट एक्सेस लेकर ट्रांजेक्शन पूरा कर लिया जाता है।

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