बुरहानपुर के ग्राम मोरखेड़ा में संगीतमय भागवत महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के चौथे दिन शुक्रवार को कथा वाचक संत मुक्तानंद महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की दिव्य लीला का मार्मिक और प्रेरणादायक वर्णन किया। संत मुक्तानंद महाराज ने कहा- भगवान श्रीकृष्ण ने अधर्म और अत्याचार का नाश करने, धर्म की पुनः स्थापना के लिए धरती पर अवतार लिया। उनकी जन्म लीला न केवल आध्यात्मिक प्रेरणा देती है, बल्कि यह सत्य, धर्म और न्याय के प्रति मानवता को जागरूक करती है। संत ने कहा भगवान ने जन्म लेते ही अपने भक्तों को यह संदेश दिया कि ईश्वर का सान्निध्य पाने के लिए सच्ची भक्ति और आत्मसमर्पण ही पर्याप्त है। संगीतमय प्रस्तुति ने कथा को और भी जीवंत बना दिया। भक्तों ने नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की जैसे जयकारों के साथ उत्साहपूर्वक श्रीकृष्ण जन्म का स्वागत किया। कथा स्थल पर भक्ति और आनंद का अद्भुत नजारा देखने को मिला। संत ने भक्तों को संदेश दिया कि हमें अपने जीवन में श्रीकृष्ण के गुणों को अपनाना चाहिए और सत्य, धर्म, प्रेम का मार्ग अपनाना चाहिए। कथा के आखिरी में प्रसादी वितरण हुआ। इस दौरान जगन्नाथ महाराज, मधुकर महाजन, विनोद महाजन, भास्कर पाटिल, अनिल चौधरी, अरुण पवार, भागवत पवार, वसराम राठौड़, मधु राठौड़, नगराम राठौड़, करणसिंह पवार, हरि चव्हाण, रोहिदास राठौड़ सहित काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।


