मोहन यादव बोले-तेलंगाना CM और हम ABVP के साथी रहे:मोदी सरकार चुनाव बाद भेदभाव नहीं करती, पहले एक-दो ट्रेनों के लिए रेल मंत्रालय मांगते थे राज्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार चुनाव के बाद राज्यों के साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं करती। तेलंगाना इसका बड़ा उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी मौजूद थे। बातचीत में रेवंत रेड्डी ने खुद माना कि केंद्र सरकार से उन्हें सबसे ज्यादा सहयोग मिल रहा है। रेवंत रेड्‌डी और मैं विद्यार्थी परिषद में साथी रहे सीएम हाउस में प्रगति पोर्टल और सीपीग्राम पोर्टल की जानकारी देने आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. यादव ने कहा कि रेवंत रेड्डी और वे दोनों छात्र जीवन में एबीवीपी से जुड़े रहे हैं। आज वे कांग्रेस में हैं, लेकिन काम की प्रक्रिया और योजनाओं को लेकर मोदी सरकार के साथ कोई अड़चन नहीं आती। उन्होंने तेलंगाना–आंध्र प्रदेश के बंटवारे का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे आंध्र प्रदेश को अमरावती में नया इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने का मौका मिला, उसी तर्ज पर तेलंगाना में हैदराबाद के आसपास 30 हजार एकड़ का बड़ा विकास प्लान केंद्र सरकार की मदद से आगे बढ़ रहा है। चुनाव के बाद मोदी सरकार भेदभाव नहीं करती
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे यह साफ होता है कि सरकार बनने के बाद सभी राज्य एक समान हैं, देश एक है और बड़े मन से विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्रीय विकास के मामलों में केंद्र और राज्य मिलकर काम करते हैं। पहले माहौल बनाया कि भारत जैसे देशों का विकास संभव नहीं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। एक समय ऐसा माहौल बनाया गया था कि पश्चिमी देश ही आधुनिक हैं और केवल वही आगे बढ़ सकते हैं, जबकि भारत जैसे देशों के लिए विकास संभव नहीं है। लेकिन भारत ने इस धारणा को तोड़ दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धीरे-धीरे देश की राजनीतिक व्यवस्था में क्षरण हुआ और एक-दो दलों की सरकारों की जगह 20-24 दलों की संयुक्त सरकारें बनने लगीं। इसका दुष्परिणाम देश को भुगतना पड़ा। एक दो ट्रेनों के लिए रेल मंत्रालय मांगते थे बिहार – पश्चिम बंगाल सीएम ने कहा कि पहले हालात ऐसे थे कि किसी राज्य में एक-दो रेल चलती थीं, तो राज्य रेल मंत्रालय पाने की होड़ में लग जाते थे। चाहे बिहार हो या पश्चिम बंगाल, सोच यह होती थी कि रेल मंत्रालय मिल जाए तो एक-दो नहीं, सौ रेलें चलवा लेंगे। डॉ. यादव ने कहा कि बदलते दौर में यह सोच पूरी तरह बदल चुकी है। अब रेल मंत्रालय मांगने की राजनीति नहीं होती, बल्कि रेल बजट को मुख्य बजट में शामिल कर दिया गया है। यह अंग्रेजों की बनाई हुई व्यवस्था का अंत है। अंग्रेजों ने अपने हित में रेल व्यवस्था शुरू की थी और उस पर पूरा नियंत्रण अपने हाथ में रखा था। उस समय राज्यों के बजट से रेल का खर्च निकलवाया जाता था, लेकिन परिवहन से मिलने वाला पूरा लाभ अंग्रेज अपने पास रखते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी तरह की छोटी-छोटी व्यवस्थागत खामियों के कारण देश को लंबे समय तक नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन अब भारत नई सोच और नई कार्यप्रणाली के साथ आगे बढ़ रहा है। जबलपुर- गोंदिया रेल लाइन का काम प्रगति पोर्टल की वजह से हुआ
रेल परियोजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि जबलपुर–गोंदिया ब्रॉडगेज लाइन, इंदौर–मनमाड़ नई रेल लाइन जैसी बड़ी परियोजनाएं प्रगति पोर्टल की वजह से ही तेजी से आगे बढ़ीं। इंदौर–मनमाड़ रेल लाइन को करीब 18 हजार करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली, जिससे मध्य प्रदेश की सीधी कनेक्टिविटी महाराष्ट्र और बड़े औद्योगिक क्षेत्रों से बढ़ेगी। नदी जोड़ो परियोजनाओं पर बोलते हुए सीएम ने कहा कि केन–बेतवा लिंक परियोजना, जिसकी कल्पना अटल बिहारी वाजपेयी के समय हुई थी, अब मोदी सरकार के दौर में जमीन पर उतर रही है। इसमें करीब एक लाख करोड़ रुपये का निवेश है, जिसमें 50 हजार करोड़ रुपए केंद्र सरकार दे रही है। इसी तरह पार्वती–कालीसिंध–चंबल परियोजना भी राजस्थान के साथ वर्षों से अटकी थी, जिसे अब गति मिली है। सीएस ने बताए मोदी सरकार के पोर्टल के फायदे
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बताया कि प्रगति कार्यक्रम 25 मार्च 2015 को शुरू हुआ था और 31 दिसंबर 2025 को इसकी 50वीं बैठक हुई। मध्य प्रदेश में प्रगति पोर्टल पर 209 परियोजनाएं दर्ज हैं, जिनमें 97 प्रतिशत मामलों का समाधान हो चुका है। कुल साढ़े पांच लाख करोड़ रुपए की परियोजनाओं में से 108 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश का विकास दृष्टिकोण बदला है। पूर्वोत्तर राज्यों को विशेष प्रोत्साहन, रेल–सड़क–सीमा सुरक्षा और निवेश के नए मॉडल इस बात का प्रमाण हैं कि मोदी सरकार समावेशी विकास के एजेंडे पर काम कर रही है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *