मोहम्मद वकील बोले- बस का किराया भी नहीं होता था:बतियन की गली में सुनाई दास्तां, कहा- शाहरुख खान के लिए फिर से प्लेबैक करने की इच्छा

राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर स्थित टी ट्रेडिशन कैफे में रविवार को चर्चित टॉक शो बतियन की गली के चौथे सीजन की शुरुआत हुई। पहले एपिसोड में सारेगामा के मेगा विनर और प्रसिद्ध गजल गायक मोहम्मद वकील ने अपनी संगीत यात्रा के अनकहे किस्से साझा किए और दर्शकों को सुरों की गहराई से रूबरू कराया। कार्यक्रम का आयोजन क्यूरियो और राजस्थान फोरम के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसकी मेजबानी जानी-मानी आरजे और युवा बिस्मिल्लाह खान अवार्डी प्रियदर्शिनी मिश्रा ने की। उन्होंने वकील के सफर के प्रेरक पलों को सामने लाते हुए दर्शकों को कलाकार की दुनिया की झलक दिखाई। बस का किराया भी नहीं होता था अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए वकील ने कहा कि रिकॉर्डिंग और कार्यक्रमों के लिए कई किलोमीटर तक पैदल जाना पड़ा, बस का किराया भी नहीं होता था। कई बड़ी होटल्स में गाने का मौका नहीं मिला और लंबे समय तक कोरस में गाना पड़ा। लेकिन सारेगामापा जीतने के बाद जिंदगी ने नया मोड़ लिया। अपने गुरुओं के आशीर्वाद और संघर्ष से ही आज इस मुकाम तक पहुंचा हूं। गजल गायक को शायरी की समझ जरूरी अपने अनुभव साझा करते हुए मोहम्मद वकील ने कहा कि गजल की रूह तक पहुंचने के लिए शायरी को समझना बेहद जरूरी है। अल्फाज याद करना तो आसान है, लेकिन शायर की आत्मा को महसूस करने के लिए उनके साथ बैठना पड़ता है। तभी गायक उन भावनाओं को श्रोताओं तक पहुंचा पाता है। बॉलीवुड पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि शाहरुख खान जितनी संजीदगी और परफेक्शन से काम करते हैं, वह लाजवाब है। अगर मुझे कभी प्लेबैक का अवसर मिले तो मेरी पहली पसंद शाहरुख खान ही होंगे। वीर-जारा में उनके लिए गाया गया गाना मेरे लिए यादगार रहा। भारतीय संगीत की गहराई पर जोर वकील ने भारतीय और पाश्चात्य संगीत की तुलना करते हुए कहा कि हमारा इंडियन क्लासिकल म्यूजिक आत्मा तक पहुंचता है। इसमें सुकून है, गहराई है। जबकि पाश्चात्य संगीत अच्छा होते हुए भी थकान छोड़ जाता है। जरूरत है कि उस्ताद और सरकार मिलकर अकादमियां स्थापित करें, ताकि युवा पीढ़ी को भारतीय संगीत की ओर प्रेरित किया जा सके। चेतन जबड़ा को ‘युवा कर्मठ’ सम्मान कार्यक्रम के दौरान युवा कथक नर्तक चेतन जबड़ा को इस सीजन का पहला युवा कर्मठ सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान राजस्थान फोरम के सदस्य पद्मश्री शाकिर अली, पद्मश्री तिलक गीताई और संजय कौशिक ने संयुक्त रूप से प्रदान किया। चेतन, पंडित राजकुमार जबड़ा के पुत्र और शिष्य हैं। शो के कनवीनर डॉ. कपिल शर्मा ने बताया कि इस सीजन में कुल पाच एपिसोड होंगे, जिनमें रंगमंच, नृत्य, चित्रकला, मूर्तिकला और फिल्म जगत से जुड़े कलाकारों की कहानियां पेश की जाएंगी।

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