भास्कर न्यूज | धमतरी मगरलोड ब्लॉक अंतर्गत मोहरा-निरई कमारपारा मार्ग का स्थल निरीक्षण कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने शनिवार को किया। जनमन योजना अंतर्गत बने सड़क कार्य की गुणवत्ता का सूक्ष्म परीक्षण किया। निर्माण में अपनाए गए मानकों का बारीकी से अवलोकन किया। कलेक्टर ने सड़क की मोटाई, सतह की मजबूती, समतलीकरण व जल निकासी व्यवस्था की जांच करते हुए संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार को निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि केंद्र सरकार की जनमन (प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान) योजना का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों की बसाहटों को मुख्यधारा से जोड़ना है। मोहरा-निरई कमारपारा सड़क का निर्माण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे कमारपारा व आसपास की पीवीटीजी बसाहटों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि सड़क कनेक्टिविटी के सुदृढ़ होने से ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और आजीविका से जुड़ी सेवाओं तक सरल व सुगम पहुंच प्राप्त होगी। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता परीक्षण कराने के निर्देश : कलेक्टर ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि सड़क की दीर्घकालिक मजबूती और टिकाऊपन बनाना जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि भविष्य में सड़क क्षतिग्रस्त न हो, इसके लिए गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही उन्होंने पुल-पुलियों की स्थिति, सड़क किनारों की सुरक्षा व्यवस्था, साइन बोर्ड, रोड मार्किंग व सड़क सुरक्षा से जुड़े अन्य प्रावधानों की भी समीक्षा की। अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग व समय-समय पर गुणवत्ता परीक्षण कराने के निर्देश दिए। ग्रामीणों से संवाद कर हालचाल जाना स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि शासन की मंशा गांवों को सशक्त, आत्मनिर्भर और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की है। गुणवत्तापूर्ण सड़कें केवल दूरी कम नहीं करतीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास के नए अवसर भी सृजित करती है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जिले में संचालित सभी विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। निरीक्षण के दौरान आदिम जाति विकास सहायक आयुक्त विमल साहू सहित संबंधित विभागीय अधिकारी व कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित थे।


