हजारीबाग में रविवार रात मोहर्रम जुलूस के दौरान आग की चपेट में आने से 15 लोग झुलस गए। जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित तुरांव-पौता गांव में देर रात मोहर्रम के मौके पर आग से करतब दिखाया जा रहा था। इस दौरान आग की लपटें अचानक बेकाबू हो गईं, जिसकी चपेट में 15 लोग आ गए। घायलों में अधिकतर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। मिली जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में डीजल का उपयोग कर आग के करतब किए जा रहे थे। एक करतब के दौरान अचानक लपटें चारों ओर फैल गईं। इस वजह से पास खड़े दर्शक उसकी चपेट में आ गए। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए झुलसे लोगों को पास के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। 6 की हालत गंभीर, रिम्स रांची रेफर अस्पताल में सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। इनमें से छह लोगों की स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची के रिम्स अस्पताल रेफर किया गया है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार घायलों के शरीर का बड़ा हिस्सा जल चुका है, जिससे उनके इलाज में विशेष निगरानी की जरूरत है। झुलसी महिला खलिमा खातून के भाई इमरान अंसारी ने बताया कि कार्यक्रम में सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था। न तो कोई अग्निशमन व्यवस्था थी और न ही आपातकालीन राहत के लिए किसी तरह की व्यवस्था की गई थी। उनका कहना है कि आयोजन के दौरान भीड़ भी काफी हो गई थी। हादसे के बाद भीड़ की वजह से भी बचाव कार्य में परेशानी आई। विधायक की संस्था ने की राहत में मदद घटना के बाद मौके पर पहुंची विधायक प्रदीप प्रसाद की संस्था ‘संजीवनी सेवा कुटीर’ की टीम ने राहत और बचाव कार्य में सहयोग किया। संस्था के कर्मियों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस और जिला प्रशासन मामले की जांच में जुट गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आयोजन स्थल पर अग्निशमन व्यवस्था और अन्य सुरक्षा उपाय नहीं थे। प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।


