मध्यप्रदेश में सरकार के दो साल पूरे होने पर मंडला के जिला योजना भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल ने सरकार के कामकाज का लेखा-जोखा पेश किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके, अधिकारी मौजूद रहे। प्रभारी मंत्री जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार विकास और जनता के भरोसे पर खरी उतरी है। उन्होंने बताया कि सरकार पढ़ाई, दवाई, खेती और महिलाओं की मजबूती के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का पूरा जोर इस बात पर है कि आखिरी व्यक्ति तक योजनाओं का फायदा पहुंचे। बजट में बढ़ोत्तरी और विकास के दावे मंत्री ने जानकारी दी कि आदिवासियों के बजट में 23 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी की गई है और स्कॉलरशिप अब पूरे 12 महीने दी जाएगी। इसके अलावा, मेडिकल कॉलेज की शुरुआत, एयर एम्बुलेंस और जनजातीय इलाकों में सुविधाओं पर खास काम हुआ है। उन्होंने साफ किया कि ‘लाड़ली बहना’ जैसी सभी योजनाएं जारी रहेंगी। मंडला की उपलब्धियों पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि जिले को अब नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया है। जल जीवन मिशन, नई सड़कों और कृषि क्षेत्र में हुए बदलावों से जिले की सूरत बदल रही है। कांग्रेस ने उठाए सवाल: जमीनी हकीकत कुछ और दूसरी तरफ, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले ने प्रभारी मंत्री के इन दावों को पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने कहा कि मंत्री ने कागज पर तो योजनाएं गिना दीं, लेकिन जमीन पर इनका असर नहीं दिख रहा है। मर्सकोले ने आरोप लगाया कि सरकार केंद्र की योजनाओं को अपना बताकर वाहवाही लूट रही है, जबकि भ्रष्टाचार चरम पर है। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि क्षेत्र के असली विकास की जगह सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए काम हो रहा है। उन्होंने जिले में लोगों का बाहर जाना (पलायन), खराब सड़कें, नेशनल हाईवे की हालत और ट्रेनों की कमी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा और कहा कि बुनियादी जरूरतों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।


