राजनांदगांव में महापौर मधुसूदन यादव ने मोहारा जल संयंत्रगृह का नए पार्षदों के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने 10, 17 और 27 एमएलडी प्लांट की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। महापौर ने कर्मचारियों से जानकारी ली और बारिश के मौसम को देखते हुए एलम, ब्लीचिंग, क्लोरिन गैस और अन्य जरूरी सामग्री का पर्याप्त भंडारण रखने को कहा। मशीनों को दुरुस्त रखने और अतिरिक्त मोटर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। 27 एमएलडी प्लांट में नई मोटर को जल्द चालू करने की बात कही। इससे पानी की सप्लाई बढ़ेगी और आम जनता को बेहतर पेयजल मिल सकेगा। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी करने को कहा। बारिश से पहले सभी पानी की टंकियों की सफाई के आदेश दिए। फिटकरी और क्लोरीन से शुद्धिकरण जल प्रभारी अधिकारी और कार्यपालन अभियंता यू.के. रामटेके ने जल शोधन प्रक्रिया की जानकारी दी। मोहारा स्थित शिवनाथ नदी से इंटकवेल के माध्यम से रॉ वाटर लिया जाता है। प्रतिदिन 54 मिलियन लीटर पानी का शोधन किया जाता है। यह काम तीन प्लांट में होता है – 27 एमएलडी, 10 एमएलडी पुराना प्लांट और अमृत मिशन का 17 एमएलडी फिल्टर प्लांट। पानी को फिटकरी और क्लोरीन से कीटाणु रहित किया जाता है। फिल्टर बेड से पानी को छानकर ठोस पदार्थों को अलग किया जाता है। शुद्धिकरण के बाद शहर की 14 टंकियों में भरा जाता है। फिर पाइपलाइन के जरिए शहर में पेयजल की सप्लाई की जाती है। निरीक्षण के दौरान कृषि उपज मंडी के पूर्व उपाध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत, निगम अध्यक्ष पारस वर्मा और अन्य पार्षद भी मौजूद रहे। नए पार्षदों ने जलशोधन प्रक्रिया और फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया नये पार्षदों ने जलशोधन की प्रक्रिया को देखा और फिर फिल्टर प्लांट के लैब का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न प्रकार के टेस्ट भी देखे और जांच की कि पानी की सप्लाई उचित मानकों के अनुसार है या नहीं। निरीक्षण के बाद पार्षदों ने प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि यह प्रक्रिया बहुत कठिन है, जिसके बाद ही लोगों को शुद्ध पानी मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि पानी का अपव्यय रोकने और पानी का सही उपयोग करने के लिए वार्डवासियों को समझाया जाएगा।


