मोहाली ओपेरा गार्डन प्रोजेक्ट को पीपीसीबी का नोटिस:गंदगी से लोग परेशान ,7 दिन में जवाब न देने पर रद्द होगा सर्टिफिकेट

मोहाली के ज़ीरकपुर के किशनपुरा स्थित ओपेरा गार्डन प्रोजेक्ट को पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) ने पर्यावरणीय मानकों के गंभीर उल्लंघन पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1974 और वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 के तहत दिया गया है। इस प्रोजेक्ट के चलते गंदगी फैलने और मानकों के पालन न करने से स्थानीय लोग परेशान थे, स्टेलर होम्स सोसाइटी के निवासी जुलाई 2025 से खुले एसटीपी, प्रदूषण और दुर्गंध को लेकर लगातार शिकायतें दर्ज करा रहे थे। जांच में क्या मिला- खुले में छोड़ रहे थे सीवेज पीपीसीबी की निरीक्षण रिपोर्ट में कई गंभीर पर्यावरणीय उल्लंघन सामने आए हैं। 2 अक्टूबर 2025 को एसडीओ मोहाली अतुल कुमार द्वारा किए गए निरीक्षण में पाया गया कि प्रोजेक्ट में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बंद पड़ा है। यहां कनाल तकनीक का उपयोग नहीं हो रहा था और अनुपचारित सीवरेज को खुले में छोड़ा जा रहा था। इसके अतिरिक्त, डीजल जनरेटर बिना कैनोपी के चल रहे थे। क्षेत्र में अत्यधिक दुर्गंध थी और कोई पौधारोपण भी नहीं किया गया था। निरीक्षण के दौरान बिल्डर किसी भी प्रश्न का संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका। नगर परिषद की नोटिस के बाद भी सुधार नहीं बोर्ड ने से पहले नगर परिषद ज़ीरकपुर भी 7 अगस्त और 8 सितंबर को नोटिस जारी कर चुकी है, लेकिन बिल्डर द्वारा कोई संतोषजनक अनुपालन नहीं किया गया। मानकों के न पालन करने से निवासियों की परेशानी बनी रही। वसूली जाएगी क्षतिपूर्ति कार्रवाई से निवासी खुश स्टेलर होम्स के निवासियों ने इस कार्रवाई को अपनी बड़ी जीत बताया है। निवासी मुकेश कुमार सिंह, राजेश रनौत, विकास रॉयल, देवेंद्र नेगी, अमित शर्मा, ऋचा, अंजू और सीमा ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण नागरिकों का अधिकार है और प्रशासन की जिम्मेदारी है।

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