मो. जावेद खान ने कहा संप्रेक्षण गृह के माहौल में बदलाव में बाल संरक्षण से जुड़े सभी पदाधिकारियों और कर्मियों का सहयोग मिला

भास्कर न्यूज | दुमका किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान दंडाधिकारी मो. जावेद खान को संप्रेक्षण गृह परिसर में आयोजित समारोह में भावभीनी विदाई दी गई। उन्होने कहा कि संप्रेक्षण गृह के माहौल में बदलाव में बाल संरक्षण से जुड़े सभी पदाधिकारियों और कर्मियों का सहयोग रहा। इसके लिए उन्होंने सभी का आभार जताया। उन्होंने किशोरों से कहा कि बीती बातें भूलकर अच्छी शिक्षा लें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ें। जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी प्रकाश चंद्र ने मंच संचालन किया। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा में स्थानांतरण एक प्रक्रिया है, जिसे स्वीकार करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि श्री खान का मार्गदर्शन हमेशा एक अभिभावक की तरह मिला। वे किशोरों की भलाई को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे। उनके कार्यकाल में कंप्यूटर प्रशिक्षण, फ़िलो ऐप से ऑनलाइन पढ़ाई, टेलरिंग और आर्ट एंड क्राफ्ट की ट्रेनिंग शुरू की गई। यह सब किशोरों के विकास के लिए किया गया। बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ. राज कुमार उपाध्याय ने कहा कि श्री खान सरल, मृदुभाषी और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी थे। उनके कार्यकाल में किशोरों को न्यायिक मामलों में काफी मदद मिली। उन्होंने कई नई प्रक्रियाएं अपनाईं, जो जिले के लिए मिसाल बनेंगी। किशोर न्याय बोर्ड की सदस्या किरण तिवारी ने उनके स्वस्थ जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि जिस तरह दुमका में निष्पक्ष न्याय हुआ, वैसा ही स्थानांतरण स्थल पर भी हो। इस मौके पर संप्रेक्षण गृह के किशोरों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। ‘आप हमें भूल ना पाओगे और हम आपको भूला ना सकेंगे’ गीत ने सभी को भावुक कर दिया। जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी ने अंग वस्त्र भेंट कर शुभकामनाएं दीं। किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन और गृह के कर्मियों ने पुष्पगुच्छ और माल्यार्पण कर विदाई दी। समारोह में बाल कल्याण समिति के प्रभारी अध्यक्ष डॉ. रंजन कुमार सिन्हा, कुमारी विजय लक्ष्मी, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य धर्मेंद्र नारायण प्रसाद, सहायक फणींद्र कुमार, विकास कुमार, डीसीपीयू के विधि सह परिवीक्षा पदाधिकारी अनिल मोहन ठाकुर, संरक्षण पदाधिकारी विजय कापरी, गृहपति अब्दुल गफ्फार, प्रोबेशन ऑफिसर दिव्यांशु शेखर, शिक्षक सुमित कुमार, काउंसलर सुबोध कुमार सुमन, भंडारपाल मोहिनी हेंब्रम, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन, रेलवे चाइल्ड हेल्पडेस्क और संप्रेक्षण गृह के सभी कर्मी मौजूद थे।

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